शेखर ने पाई-पाई जोड़कर सनिगवां रोड पर नया घर बनवाया था। फिनिशिंग का काम जारी था। 25 फरवरी को नए घर में गृह प्रवेश होना था। मगर उससे पहले ही शेखर ने उसी निर्माणाधीन मकान में खुदकुशी कर जिंदगी खत्म कर ली। परिजनों ने बताया कि शेखर की मां सुषमा की भी काफी समय पहले मौत हो गई थी। जिसके बाद शेखर ने खुद अपनी छोटी बहन की शादी की थी।
आज ही रजिस्ट्री करने का था दबाव
परिजनों के अनुसार शेखर ने हरिओम के एक रिश्तेदार को सनिगवां मेन रोड का एक प्लॉट बेच दिया था। इसकी दो लाख की रकम बकाया थी। जिसे हरिओम नहीं दे रहा था। सूत्रों के अनुसार बच्चे के इलाज के नाम पर हरिओम उसका निर्माणाधीन मकान औने पौने दाम पर खरीदने का दबाव बना रहा था। आरोपी के दबाव में सोमवार को शेखर मकान की रजिस्ट्री करने भी जा रहा था। इसके लिए हरिओम ने सुबह शेखर को फोन भी किया था। लेकिन सपनों का घर जाता देख उसने फांसी लगा ली।
कई थानों के फोर्स, एसीपी कैंट ने समझाया
बेटे की मौत से आहत परिजन शोरूम के सामने सड़क जाम कर आरोपी हरिओम की गिरफ्तारी, 50 लाख आर्थिक मदद और हरिओम के कागजी फेर में उलझे प्लॉट वापस करने की मांग कर रहे थे। एसीपी कैंट ने उन्हें आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देकर समझाया। साथ ही कहा कि जमीन के विवाद की जांच राजस्व विभाग करेगा। प्रशासन से आर्थिक मदद दिलाने का भी अफसरों ने आश्वासन दिया।