कंपनी से कांट्रेक्ट किया जा रहा है साइनफर्जी वॉट्सएप अकाउंट तैयार करने वाले साइबर अपराधी ने वॉट्स अप चैट की। कहा कि वह एक जरूरी मीटिंग में व्यस्त हैं। कंपनी से कांट्रेक्ट साइन किया जा रहा है। एडवांस रुपये ट्रांसफर करने हैं। साइबर अपराधी ने कोलकाता की फार्मा कंपनी मां तारा का नाम, बैंक की डिटेल, आईएफएससी कोड आदि दिया। कहा कि 1.97 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दो। सहमति के लिए यूटीआर नंबर भेज देना। निदेशक ने रुपयों को खाते में भेज दिया। निदेशक उस समय दिल्ली में ही थे।
ट्रांजेक्शन और वॉट्सएप अकाउंट नंबर की हो रही है जांच
उनकी अचानक एमडी से मुलाकात हो गई। उन्होंने रुपयों के बारे में पूछा तो एमडी ने ऐसे किसी भी मैसेज से इन्कार कर दिया। निदेशक ने तुरंत आईसीआईसीआई दिल्ली के हेड ऑफिस के अधिकारियों से बातचीत की। कानपुर की ब्रांच को भी जानकारी देकर रुपये होल्ड कराए। इस दौरान 15 से 16 ट्रांजेक्शन में 69 लाख रुपये चले गए। यह रुपये अलग-अलग कंपनियों को ट्रांसफर हो गए। गुरुग्राम साइबर क्राइम थाने में शिकायत करने पर बताया कि घटनास्थल कानपुर है। रिपोर्ट वहीं दर्ज होगी। इसके बाद कंपनी ने कानपुर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। एसीपी साइबर क्राइम श्वेता कुमारी ने बताया कि ट्रांजेक्शन और वॉट्सएप अकाउंट नंबर की जांच की जा रही है।