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Kanpur: पहले कारोबारियों को भेज दिए नोटिस, अब दे रहे तकनीकी चूक का हवाला, विभाग बोला- नोटिस नजरअंदाज कर दें

Tue, 22 Jul 2025 03:46 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जीएसटीएन की तकनीकी चूक से ऐसे कारोबारियों को भी गलत नोटिस भेज दिए गए, जिनका पंजीकरण रद्द हो चुका था या रिटर्न दाखिल थे। अब जीएसटीएन ने इन हजारों नोटिसों को रद्द कर दिया है और सुधार का आश्वासन दिया है।
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सीए नितिन सिंह - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में जीएसटीएन की नोटिस भेजने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। ऐसे कारोबारियों को नोटिस भेज दिए गए जिनका पंजीकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 से पहले ही रद्द हो चुका था या जिन्होंने अपने रिटर्न पहले ही दाखिल कर दिए थे। अब स्पष्टीकरण जारी करके कहा जा रहा है कि तकनीक चूक के कारण करदाताओं को नोटिस चले गए। जानकारों का कहना है कि कानपुर में एक हजार से ज्यादा कंपोजिशन स्कीम से जुड़े कारोबारियों को नोटिस भेजे गए। चूक सामने आने के बाद सभी नोटिसों को रद्द कर दिया गया है।

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केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम 2017 की धारा 39(2) और सीजीएसटी नियम के नियम 68 के तहत फॉर्म जीएसटीआर 4 दाखिल न करने की स्थिति में फॉर्म जीएसटीआर 3ए में नोटिस जारी करना अनिवार्य है। दरअसल, जीएसटीआर 4 कंपोजीशन स्कीम के तहत वार्षिक रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों के लिए होता है। रिटर्न न दाखिल होने की स्थिति में नोटिस जारी किया जाता है। जून के अंतिम सप्ताह से कारोबारियों को नोटिस आने शुरू हो गए थे। जो लगातार भेजे जा रहे थे। कानपुर सीएएस सीपीई स्टडी सर्किल के उप संयोजक सीए नितिन सिंह ने बताया कि जीएसटीएन पोर्टल ने हाल ही ये स्पष्टीकरण जारी किया है जो नोटिस जारी हो गए थे। वो सिस्टम में एक तकनीकी त्रुटि के कारण हुआ था।

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इन नोटिस को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दें
कुछ ऐसे करदाताओं को भी जीएसटीआर-3ए नोटिस जारी किए गए हैं। जिनका पंजीकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 से पहले ही रद्द हो चुका था या जिन्होंने रिटर्न पहले दाखिल कर दिए थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जीएसटीएन की तकनीकी टीम इस समस्या की जांच कर रही है और इसे ठीक करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। इस तरह की त्रुटियां भविष्य में न हो इसके लिए सिस्टम में सुधार किए जा रहा है। जिन करदाताओं ने पहले ही फॉर्म जीएसटीआर-4 दाखिल कर दिया है या जिनका जीएसटी पंजीकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 से पहले रद्द हो चुका है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे इन नोटिस को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दें।

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