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Kanpur: संतान की दीर्घायु के लिए महिलाएं छह को रखेंगी सकट चौथ का व्रत, जानिए शुभ योग और नक्षत्र

Mon, 05 Jan 2026 12:34 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

छह जनवरी को चतुर्थी तिथि में चंद्रोदय होगा। कानपुर में चंद्रोदय का समय रात 8:45 मिनट है जिसके बाद चंद्रमा के प्रत्यक्ष दर्शन होने पर पूजन व अर्घ देकर व्रत संपन्न किया जाएगा।
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सकट चौथ 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना के उद्देश्य से महिलाएं छह जनवरी को सकट चौथ का व्रत रखेंगी। यह पर्व भगवान गणेश, सकट माता और चंद्र देवता की आराधना को समर्पित है। इस व्रत को तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ और वक्र-तुण्ड चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।

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ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार, सकट चौथ का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर रखा जाता है। चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को तिल-गुड़ का अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से विघ्नहर्ता भगवान गणेश जीवन की बाधाओं और संकटों का नाश करते हैं। माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि छह जनवरी को सुबह 8:01 बजे से शुरू होकर सात जनवरी की सुबह 6:52 बजे तक रहेगी। चूंकि चंद्रोदय छह जनवरी को चतुर्थी तिथि में ही होगा, इसलिए व्रत इसी दिन मंगलवार को रखा जाएगा। शाम को गणेश पूजा के बाद तिल-गुड़ से तैयार तिलकुट का भोग लगाया जाएगा। कथा वाचन के उपरांत प्रसाद वितरित किया जाएगा।

शुभ योग और नक्षत्र
इस वर्ष सकट चौथ पर कई शुभ योग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:15 से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा। प्रीति योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा, जबकि रात 8:21 बजे के बाद आयुष्मान योग आरंभ होगा। ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक पं. पवन तिवारी के अनुसार, गणेशजी की उत्पत्ति भी इसी दिन मानी गई है। इसलिए इसे तिलकुटी व वक्रतुंड चतुर्थी कहते हैं। कानपुर में चंद्रोदय का समय रात 8:45 मिनट है जिसके बाद चंद्रमा के प्रत्यक्ष दर्शन होने पर पूजन व अर्घ देकर व्रत संपन्न किया जाएगा।

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