फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खास खबर: बढ़ीं महिला उद्यमी…खाद्य उत्पाद पसंदीदा व्यवसाय, छह महीनों में 6014 ने कराया पंजीकरण, पढ़ें डिटेल

Fri, 02 Jan 2026 07:26 PM IST
हिमांशु अवस्थी अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में महिला उद्यमियों की संख्या 2021 के मुकाबले तीन गुना बढ़कर वर्तमान वित्तीय वर्ष के आधे समय में ही 6000 पार कर गई है। महिलाओं का सबसे ज्यादा रुझान खाद्य प्रसंस्करण और रेडीमेड कपड़ों के निर्माण में देखा जा रहा है।
विज्ञापन
पूर्णिमा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केस एक: नेपाल-कनाडा जा रहे आलू के पापड़

विज्ञापन

गूबा गार्डन निवासी पूर्णिमा ने बताया कि उन्होंने आठ महीने पहले आलू के चिप्स के पापड़ों का कारोबार शुरू किया था। करीब 10 हजार रुपये की पूंजी से पनकी रतनपुर के गंभीरपुर गांव में पंचायत नाम से आलू के पापड़ों की इकाई लगाई। इसमें करीब 120 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। यहां के बने चिप्स नेपाल और कनाडा जाने लगे हैं। वह आलू के सात प्रकार के पापड़ बनाती हैं। पापड़ कंपनी लेख से उन्हें प्रेरणा मिली।

केस दो: घर में ही बना लिया केक स्टूडियो
गोविंदनगर एफ ब्लाॅक में रहने वाली प्रभनूर कौर ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक के बाद केक बनाने का प्रशिक्षण दिल्ली और बंगलूरू में लिया। शुरू में अपने घर के आसपास के लोगों के लिए केक बनाकर बेचना शुरू किया। मम्मी गुरप्रीत कौर के साथ डिजाइनर केक बना रही हूं। घर पर ही केक स्टूडियो बनाया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में चार लाख का लोन लिया। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अच्छी मांग है।

प्रभनूर कौर केक बनाते हुए - फोटो : amar ujala
कानपुर में गृहस्थी चलाने वाली महिलाएं शहर में उद्योग भी लगा रही हैं। महिलाओं को खाद्य उत्पादों की इकाइयां लगाना सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है। शहर में तेजी से इनकी संख्या बढ़ रही है। वित्त वर्ष के शुरुआती छह महीने में ही 526 इकाइयों का उद्योग विभाग में पंजीकरण हो चुका है, जबकि वित्त वर्ष खत्म होने में अभी कई महीने शेष हैं। पिछले साल 798 इकाइयों का पंजीकरण हुआ था, जो सबसे ज्यादा है। इसके अलावा महिलाओं को रेडीमेड कपड़ों का कारोबार भी भा रहा है।
416 इकाइयां महिलाएं लगा चुकी हैं। पिछले साल 501 इकाइयों का गठन हुआ था। इसके अलावा होजरी और चमड़ा उद्योग में भी महिलाएं पैठ बना रही हैं। सेवा क्षेत्र में भी महिलाएं आगे आ रही हैं। उद्यम पंजीकरण के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2021-22 में महिलाओं ने 3145 पंजीकरण कराए। 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 5305 हो गई। 2023-24 में 8726 महिलाओं ने पंजीकरण कराया। 2024-25 में 8755 और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 30 अक्तूबर तक 6014 पंजीकरण हुए हैं।

महिलाएं उत्पादन, सर्विस और ट्रेडिंग के क्षेत्र में लगातार पंजीकरण करा रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफार्म में उत्पाद बेचने का भी प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में भी महिलाओं को उनकी श्रेणी के अनुसार 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। खाद्य उत्पाद, रेडीमेड उद्योग ज्यादा पसंद आ रही है। कुछ महिलाएं केवल गर्भवती महिलाओं के लिए ही खाद्य उत्पाद बना रही हैं।  -अंजनीश प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग

उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह - फोटो : amar ujala

कानपुर नगर में महिला उद्यमियों का पंजीकरण

वर्ष             मैन्यूफैक्चरिंग       सेवाएं         ट्रेडिंग       कुल पंजीकरण
2021-22            1194        1145          806          3145
2022-23            1611        1327          2367        5305
2023-24             2766       2802          3148        8726
2024-25            2292        2246          4017        8755
2025-26            1910        1606          2498        6014
विज्ञापन

उत्पादों में पंजीकरण खाद्य उत्पाद रेडीमेड उत्पाद होजरी उत्पाद चमड़ा उत्पाद
2021-22             227            209             111             119
2022-23             395            398             240             141
2023-24             651            587             307             281
2024-25             798            501             298             208
2025-26             526            416             209             148
नोट: वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े 30 अक्तूबर यानी 6 महीने तक के हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें