कानपुर में तीन साल पहले हुई बेटे की मौत से तनाव में चल रही संगीता देवी (42) ने मंगलवार सुबह साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। घटना कल्याणपुर के सत्यम विहार की है। पति विजय और बेटी पूजा घर में बाहर की ओर बने कमरे में सो रहे थे। उन्होंने बताया कि संगीता ने जिस कमरे में फंदा लगाया, वह स्टोर रूम है। संगीता उस कमरे में कब गई, पता ही नहीं चला। बेटी पूजा ने बताया कि सोमवार को होली त्योहार मनाया गया। मां ने परिवार के साथ खाना भी खाया था। इस दौरान हंसी मजाक भी हुआ। अचानक मां के मन में ऐसी क्या बात आ गई, जिससे कदम उठा लिया। यह बात समझ में नहीं आ रही है।
अक्सर बेटे को याद कर रोती थी संगीता
परिजनों की मानें तो संगीता अक्सर बेटे को याद करके रोया करती थी। तीन साल पहले इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो जाने के बाद से तनाव में रहती थीं। पति दिव्यांग और मानसिक रूप कमजोर हैं। उनकी भी चिंता रहती थी। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। किराये पर उठी दुकानों से ही खर्च चलता है।