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Killer Wife: ‘पति मिला न प्यार, खुद चुनीं सलाखें’, चाकू की धार पर बिखरा भरोसा, ससुर बोले- बहू तलाक ले लेती, तो

Sat, 20 Jun 2026 10:34 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Wife Kills Husband News: फीलखाना में व्यापारी मनीष गुप्ता हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि आरोपी पत्नी के मोबाइल की बरामदगी न होने से उसके प्रेमी का सुराग नहीं मिल पा रहा है, जबकि दादा-दादी अब मासूम पोते विष्णु के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
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kanpur murder case - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर दो दिन पूर्व फीलाखाना क्षेत्र में पत्नी ने प्रेम प्रसंग के चलते चाकू मारकर व्यापारी पति की हत्या कर दी थी। परिजनों का आरोप था कि महिला फोन पर किसी पुरुष मित्र से बात करती थी जिसको लेकर ही दंपती के बीच विवाद होता था। हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को जेल भेज दिया, लेकिन अभी तक घर में रखा मोबाइल कब्जे में नहीं लिया। 

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इससे पुरुष मित्र से की गई चैट कैसे निकलेगी। व्यापारी के पिता का कहना है कि युवक को पकड़ने में पुलिस सक्रियता नहीं दिखा रही है। बता दें कि पांच जून को बालाजी अपार्टमेंट में रहने वाली निहारिका ने पति मनीष गुप्ता को चाकू से गोद दिया था। 16 जून की सुबह मनीष ने हैलट में दम तोड़ दिया था।

फोन की सीडीआर से साक्ष्य जुटाए जा रहे
मनीष के पिता रामकिशोर ने 14 जून को ही बहू निहारिका के खिलाफ प्रेम प्रसंग के चलते बेटे पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने निहारिका को गिरफ्तार कर लिया है। इस बाबत इंस्पेक्टर फीलखाना अभय सिंह का कहना है कि फिलहाल निहारिका के फोन की सीडीआर से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही मोबाइल भी कब्जे में लिया जाएगा।

kanpur murder case - फोटो : amar ujala
पति मिला न प्यार...पहुंच गई जेल
करीब 10 साल पहले निहारिका को मनीष से प्यार हुआ था। 2017 में दोनों शादी के बंधन में बंधे। तीन साल पहले निहारिका को जम्मू निवासी किसी अंग्रेज नाम के युवक से दोबारा प्यार हो गया और इसी प्यार में फंसकर उसने अपने पति को मौत के घाट उतारकर अपने लिए जेल की चुन लीं। जेल सूत्रों की माने तो निहारिका के मायके पक्ष से भी अभी तक किसी ने उससे मिलने का प्रयास नहीं किया है।

मासूम विष्णु की चिंता में डूबे दादा-दादी
मनीष अपने माता-पिता के एकलौते थे और अपने पीछे छह साल के बेटे विष्णु को छोड़ गए हैं। रामकिशोर का कहना है कि बहू तलाक ले लेती, तो कम से कम बच्चे पर माता-पिता का दोनों का साया बना रहता था। हैवानियत दिखाकर खुद को जेल चली गई और पिता का साया भी छीन लिया। हम पति-पत्नी की भी उम्र हो चुकी है। ऐसे में चिंता सता रही है कि आखिर पौत्र विष्णु का क्या होगा।

kanpur murder case - फोटो : amar ujala
ये है पूरा मामला
छह वर्षीय मासूम बेटे के सामने महिला ने कपूर व्यापारी पति मनीष गुप्ता को चाकू से गोद दिया। घटना पांच जून की है। व्यापारी घायल हालत में बेटे को लेकर 500 मीटर दूर फीलखाना थाने पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने व्यापारी को अस्पताल भेज महिला को हिरासत में लिया। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान व्यापारी की मौत हो गई।

निहारिका से किया था प्रेम विवाह
पुलिस ने पत्नी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। बालाजी धाम अपार्टमेंट निवासी मनीष गुप्ता रामगंज में पिता राम किशोर के साथ कपूर का व्यापार करते थे। पिता रामकिशोर ने बताया कि परिवार में पत्नी मीरा, बहू निहारिका व छह साल का पौत्र रियांश उर्फ विष्णु है। बेटे मनीष ने वर्ष 2017 में काहूकोठी निवासी निहारिका से प्रेम विवाह किया था।

kanpur murder case - फोटो : amar ujala
पुरुष मित्र से फोन पर घंटों करती थी बात
बीते दो साल से निहारिका अपने किसी पुरुष मित्र से फोन पर घंटों बात करती थी। इसका मनीष विरोध करता था। इसको लेकर कई बार बेटे-बहू के बीच विवाद भी होता था। विवाद होने पर निहारिका दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाकर पुलिस बुला लेती थी।

बेटे के पेट और कमर पर ताबड़तोड़ वार
मनीष की मां मीरा ने बताया कि पांच जून की दोपहर एक बजे निहारिका अपने कमरे में किसी से फोन पर बात कर रही थी, जिसका मनीष ने विरोध किया। सामने बेड पर पौत्र विष्णु भी बैठा था। पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ा कि निहारिका ने रसोई का चाकू (एक ओर से कांटेदार) उठाया और बेटे के पेट और कमर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।

kanpur murder case - फोटो : amar ujala
एक हाथ से कमर के खून को रोकते हुए पहुंचा था थाने
मनीष एक हाथ से कमर का खून रोकते हुए और दूसरे हाथ से बेटे विष्णु का हाथ पकड़कर फीलखाने थाने पहुंचा। इस दौरान बिल्डिंग की सीढि़यों से लेकर बाहर गेट तक बेटे का खून ही खून नजर आ रहा था। थाने पहुंचकर मनीष ने निहारिका की हैवानियत बयां की। पौत्र विष्णु ने भी अपनी तोतली जुबान से पुलिस के सामने घटना बताई। पुलिस ने मनीष को केपीएम अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया।
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परिजनों का आरोप है कि निहारिका के किसी दूसरे युवक से प्रेम संंबंध थे। उसके खिलाफ दो दिन पहले रामकिशोर ने तहरीर दी थी। जिस पर जानलेवा हमले का रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। मनीष की मौत के बाद अब मामले में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।  -अमित पांडेय, एसीपी कोतवाली
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