छिटपुट वर्षा से फसलों के सूखने का खतरा
बारिश के बाद तापमान में मात्र एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई और नमी 10 प्रतिशत बढ़ गई। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मानसून की बारिश इस बार जून महीने से ही शुरू हो गई और जून से जुलाई के पहले पखवारे तक जमकर बारिश भी हुई।
कहीं कम और कहीं ज्यादा बारिश
इसके बावजूद छिटपुट हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गाढ़ी कर दी हैं। इस बार बारिश का हाल यह है कि शहर के अलग-अलग मोहल्लों में भी बारिश एक जैसी नहीं हो रही। कहीं कम और कहीं ज्यादा बारिश को मौसम विज्ञानी जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं।