बढ़ती उमस से लोग हो रहे हैं परेशान
इसके प्रभाव से छह जून तक हवा के निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के कारण पारा 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के करीब है। जून की शुरुआत में लू का कहर भले ही देखने को न मिला हो, लेकिन बढ़ती उमस से लोग पसीने से लथपथ हो रहे हैं।
मानसून 5 जुलाई तक आने के आसार
तेज गर्मी न पड़ने का असर मानसून पर भी पड़ रहा है। सीएसए के मौसम विज्ञान विभाग ने मानसून निर्धारित समय के मुकाबले सात दिन देर से 5 जुलाई तक आने की संभावना जताई है। हालांकि पिछले साल मानसून ने 20 जुलाई को दस्तक दी थी। इस लिहाज से यह फिर भी 15 दिन जल्दी आ जाएगा।
मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी
महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में मानसून आने का निर्धारित समय 28 जून है। डॉ. पांडेय के अनुसार अरब सागर में एक चक्रवात विकसित होने की वजह से मानसून की रफ्तार भी धीमी हो गई है। पिछला साल छोड़ दिया जाए तो 2013 से 2021 के बीच मानसून समय पर या उससे पहले ही आ गया था।
पिछले वर्षों में इन तिथियों में आया मानसून
- 2022 में-20 जुलाई
- 2021 में 18 जून
- 2020 में 24 जून
- 2019 में 25 जून
- 2018 में 26 जून
- 2017 में 28 जून
- 2016 में 20 जून
- 2015 में 26 जून
- 2014 में 12 जून
- 2013 में 17 जून
- 2012 में 4 जुलाई