सांस के रोगियों को दिक्कत होने लगती है
नमी की वजह से प्रदूषित कणों की मात्रा भी इधर-उधर बिखरने के बजाय जमीन से करीब तीन किमी ऊपर तक जाकर परत के रूप में जमा हो जाती है। इसकी वजह से सांस के रोगियों को दिक्कत होने लगती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए सभी संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
शाम को प्रमुख शहरों में रात 8:48 बजे एक्यूआई
मेरठ में 307, लखनऊ में 295, कानपुर में 244, ग्रेटर नोएडा में 218, आगरा में 115, बरेली में 148, गाजियाबाद में 233, गोरखपुर में 157 और वाराणसी में 128 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।