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Kanpur: सरकारी स्कूल में हुआ टीकाकरण, फिर मिड डे मील खाने से बच्ची की मौत, चार की हालत बिगड़ी

Sat, 11 Nov 2023 09:01 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सीएचसी प्रभारी डॉ. यशोवर्धन सिंह ने बताया जब तक बच्ची उर्सला में रही तब तक जानकारी लेते रहे। जब परिजन आयुषी को लेकर निजी अस्पताल चले गए तब से कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
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मृतका बच्ची की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में बिठूर थाना क्षेत्र के बोड़ेपुरवा गांव में सरकारी स्कूल में टीकाकरण और मिड डे मील खाने के बाद एक बच्ची की मौत हो गई। वहीं, चार अन्य बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। बच्ची की मौत के बाद सरकारी अमले में हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने टीकाकरण कैंप की जानकारी से ही इंकार किया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी टीकाकरण की वजह से बच्चों की मौत से पल्ला झाड़ा है।

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चौबेपुर ब्लाक बोड़ेपुरवा गांव निवासी मजदूर कर्नल सिंह कमल की बेटी आयुषी कमल 7 पास के गांव चंदुला के प्राथमिक स्कूल में कक्षा दो की छात्रा थी। पिता कर्नल सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूल में हो रहे टीकाकरण के तहत डिप्थीरिया टिटनेस काली खांसी का टीका एएनएम रमन कुमार ने लगाया। करीब एक बजे आयुषी ने मिड डे मील ने खाया और थाली धोने के दौरान ही वह हैंडपंप के पास बेहोश हो गई।

प्रधानाचार्य आयुषी को बाइक से उसके घर छोड़ आए
उसे तेज बुखार होने पर स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज कुमार ने पैरासिटामोल की आधी टैबलेट दी। करीब ढाई बजे प्रधानाचार्य मनोज कुमार आयुषी को बाइक से उसके घर छोड़ आए। इस बीच बाबू कमल की बेटी हर्षिता कमल (6), राधा (7), खुशी (6) और अंश(7) की हालत बिगड़ गई। हर्षिता को कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य का बुखार आने के बाद घर में ही इलाज चल रहा है।

हैलट में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया
उधर, तबीयत बिगड़ने पर परिजन आयुषी को इलाज के लिए घर से पहले सीएचसी चौबेपुर ले गए। वहां भी स्थिति में सुधार न होने पर उसे शाम करीब पांच बजे उर्सला लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने बच्चों के डॉक्टर न होने की बात कहकर हैलट ले जाने को कह दिया। हालांकि जब तक परिजन हैलट पहुंचे, तब तक आयुषी की सांस थम चुकी थी। मामले में सीएमओ आलोक रंजन ने बताया टीके से मौत नहीं होती है। फिलहाल सुबह टीम भेज जांच करवाएंगे।

सीएचसी प्रभारी बोले- निजी अस्पताल ले गए थे परिजन
सीएचसी प्रभारी डॉ. यशोवर्धन सिंह ने बताया जब तक बच्ची उर्सला में रही तब तक जानकारी लेते रहे। जब परिजन आयुषी को लेकर निजी अस्पताल चले गए तब से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। रात साढ़े दस बजे ग्राम प्रधान पति बउवा पांडेय से जानकारी मिली है। बताया कि बच्ची की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर तुरंत ही उस बैच की सारी दवा को सीज करा दिया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा।
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मुझे इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसी घटना स्कूल में हुई है, तो प्रधानाचार्य और खंड शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी है कि मुझे सूचना दें। उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया, इसके लिए उन्हें जवाब-तलब किया जाएगा।  -सुरजीत कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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