प्रधानाचार्य आयुषी को बाइक से उसके घर छोड़ आए
उसे तेज बुखार होने पर स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज कुमार ने पैरासिटामोल की आधी टैबलेट दी। करीब ढाई बजे प्रधानाचार्य मनोज कुमार आयुषी को बाइक से उसके घर छोड़ आए। इस बीच बाबू कमल की बेटी हर्षिता कमल (6), राधा (7), खुशी (6) और अंश(7) की हालत बिगड़ गई। हर्षिता को कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य का बुखार आने के बाद घर में ही इलाज चल रहा है।
हैलट में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया
उधर, तबीयत बिगड़ने पर परिजन आयुषी को इलाज के लिए घर से पहले सीएचसी चौबेपुर ले गए। वहां भी स्थिति में सुधार न होने पर उसे शाम करीब पांच बजे उर्सला लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने बच्चों के डॉक्टर न होने की बात कहकर हैलट ले जाने को कह दिया। हालांकि जब तक परिजन हैलट पहुंचे, तब तक आयुषी की सांस थम चुकी थी। मामले में सीएमओ आलोक रंजन ने बताया टीके से मौत नहीं होती है। फिलहाल सुबह टीम भेज जांच करवाएंगे।
सीएचसी प्रभारी बोले- निजी अस्पताल ले गए थे परिजन
सीएचसी प्रभारी डॉ. यशोवर्धन सिंह ने बताया जब तक बच्ची उर्सला में रही तब तक जानकारी लेते रहे। जब परिजन आयुषी को लेकर निजी अस्पताल चले गए तब से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। रात साढ़े दस बजे ग्राम प्रधान पति बउवा पांडेय से जानकारी मिली है। बताया कि बच्ची की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर तुरंत ही उस बैच की सारी दवा को सीज करा दिया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा।
मुझे इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसी घटना स्कूल में हुई है, तो प्रधानाचार्य और खंड शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी है कि मुझे सूचना दें। उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया, इसके लिए उन्हें जवाब-तलब किया जाएगा। -सुरजीत कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी