11 जून को 783 मेगावाट बिजली की डिमांड रही जबकि बीते साल जून में सर्वाधिक 782 मेगावाट बिजली की डिमांड थी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उमस की वजह से जितना तापमान होगा, उससे अधिक गर्मी लगेगी। ऊंचे बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है। मानसून अभी अपनी जगह पर स्थिर है।
दोपहर को नमी घटकर 35 फीसदी हो गई
गुरुवार को पारा 1.2 डिग्री उछल कर 43.1 पर पहुंच गया। लू थपेड़ों ने भी शहरियों को दिन भर बेहाल रखा। हिमालय की तलहटी की ओर जा रहीं बंगाल की खाड़ी की हवाएं बादलों को बढ़ा सकती हैं लेकिन इससे उमस वाली गर्मी और तेज हो जाएगी। मौसम वेधशाला की रिपोर्ट के मुताबिक सुबह माहौल में नमी का प्रतिशत 50 रहा है। दोपहर को नमी घटकर 35 फीसदी हो गई।
15 जून से मौसम में बदलाव आने की उम्मीद
दो दिन बादल बढ़ेंगे पर बारिश नहीं होगी वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि आने वाले दो दिनों में उमस भरी गर्मी बेहाल करेगी। ऊंचे बादल बढ़ेंगे लेकिन बारिश नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है लेकिन हिमालय की तलहटी में जा रही है। अरब सागर की नमी कानपुर परिक्षेत्र में नहीं आ रही। 15 जून से मौसम में बदलाव आने की उम्मीद है। लू की थपेड़ों की तेजी कम हो जाएगी।
इसलिए बढ़ रही तपिश
डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि अभी कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। इससे मौसम शुष्क बना हुआ है। ऊंचे बादल होने से दिन में तपी जमीन की गर्मी ऊपर नहीं जा पा रही है। इसकी वजह से इससे न्यूनतम तापमान भी बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 24 घंटों के दौरान स्थिति में कोई व्यापक परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। उमस की यही स्थिति शुक्रवार को भी बनी रहेगी। दो से तीन दिन तक उमस भरा माहौल रात में रहेगा।
जून में ऐसा चढ़ा-उतरा अधिकतम तापमान
- 1 जून- 38.4 डिग्री सेल्सियस।
- 2 जून- 36.4 डिग्री सेल्सियस।
- 3 जून- 35.5 डिग्री सेल्सियस।
- 4 जून- 37.9 डिग्री सेल्सियस।
- 5 जून- 37.3 डिग्री सेल्सियस।
- 6 जून- 38.9 डिग्री सेल्सियस।
- 7 जून- 40.4 डिग्री सेल्सियस।
- 8 जून- 42.3 डिग्री सेल्सियस।
- 9 जून- 42.9 डिग्री सेल्सियस।
- 10 जून- 43.9 डिग्री सेल्सियस।
- 11 जून- 41.9 डिग्री सेल्सियस।