अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिमालय से आ रही नमी के मिल जाने से मौसम बदल गया। इससे शहर में बूंदाबांदी हो गई। दिन में ठंडक बढ़ गई है। कई दिनों से सामान्य औसत से अधिक चल रहा दिन का अधिकतम तापमान 24 घंटे में 4.8 डिग्री नीचे लुढ़क गया। सूरज के दिन भर बादलों की ओट में रहने से धूप नहीं निकली। उत्तर पश्चिमी हवाएं तेज गति से चलीं। इससे भी शहरियों की कंपकंपी छूटी। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर 27 और 28 दिसंबर को तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ठंड में और इजाफा हो जाएगा।
माहौल में नमी बढ़ने से उच्च और मध्यम श्रेणी के बादलों का घनत्व बढ़ गया। इसके साथ उत्तर पश्चिमी हवाओं में तेजी आ गई। इसकी वजह से शहर में कई बार अलग-अलग क्षेत्रों में बूंदाबांदी होती रही। बादल छाए रहने से रात का तापमान 6.8 डिग्री से बढ़कर 13 डिग्री पर पहुंच गया। उत्तर पश्चिमी हवाओं की रफ्तार 4.8 किमी प्रति घंटा रही। इसके पहले हवा 1.4 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। कोहरा की वजह से सुबह सात बजे दृश्यता दो किमी के स्थान पर दो सौ मीटर रही।