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Kanpur Weather: मौसम की मार...शून्य सन शाइन वाले दिन 50 दिन, लोगों में गहराया अवसाद, विशेषज्ञों ने कही ये बात

Thu, 01 Feb 2024 12:44 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: इस बार ठंड के मौसम में 11 दिसंबर से 30 जनवरी तक मानक के अनुरूप धूप नहीं निकली। इससे लोगों में न्यूरो केमिकल का सामंजस्य बिगड़ गया और हैप्पी हारमोंस नहीं निकले। इसकी वजह से इस अवधि में मनोरोग की ओपीडी में 1500 मरीज आए।
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कानपुर में ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में इस बार जाड़े के मौसम (11 दिसंबर से 30 जनवरी) में शून्य सन शाइन वाले दिनों की संख्या सबसे अधिक 50 रही। इन दिनों में मानक के अनुरूप धूप की तेजी नहीं रही। यह रिपोर्ट सीएसए की मौसम वैधशाला के सन शाइन रिकॉर्डर की है। अधिक दिनों तक सन शाइन शून्य रहने की वजह अवसाद के रोगी अत्याधिक प्रभावित हुए, उनकी तबीयत बिगड़ गई।

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रोगियों की जांच में अवसाद गंभीर स्टेज में मिला है। धूप न होने से मस्तिष्क में न्यूरो केमिकल का सामंजस्य बिगड़ा और हैप्पी हारमोंस का रिसाव प्रभावित हो गया। सीएसए के मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि शाइन आवर शून्य का मतलब है कि मानक के अनुरूप धूप में तेजी नहीं रही। इससे रिकॉर्डर ने इसे नहीं पकड़ा।
धूप में मानक के अनुरूप तेजी न आने का प्रभाव अवसाद के रोगियों पर पड़ा। शून्य सन शाइन वाले दिनों के दौरान रोगियों का अवसाद गहरा गया। अवसाद की रेटिंग स्केल पर जांच की गई तो रोग की श्रेणी सीवियर में आ गई। मनोरोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों में अवसाद के डेढ़ हजार रोगी आए। पहले वे दवा से नियंत्रित चल रहे थे, लेकिन अवसाद गहराने की वजह से उनकी दवा की खुराक बढ़ानी पड़ी।

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31 जनवरी को एक घंटे, दो मिनट का सन शाइन आवर
जनवरी के आखिरी दिन 31 तारीख को सन साइन आवर एक घंटे दो मिनट रिकार्ड किया गया है। सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि बुधवार को धूप में तेजी रही है। इससे सन शाइन रिकाॅर्ड किया गया है।

धूप न मिलने से न्यूरो केमिकल सेरोटोनिन का रिसाव कम होता है। आंख की रेटिना के रिसेप्टर पर धूप पड़ने पर इसका रिसाव होता है। इसके अलावा धूप न होने से विटामिन डी भी नहीं मिलता है। विटामिन डी की कमी से भी न्यूरो केमिकल का सामंजस्य बिगड़ता है। मेलाटोनिन का रिसाव अधिक होता है।  -डॉ. धनंजय चौधरी, विभागाध्यक्ष मनोरोग विभाग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
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सन शाइन रिकॉर्डर एक उपकरण है। इसे कैंपबेल-स्ट्रोक्स सन शाइन रिकॉर्डर भी कहते हैं। इसमें एक कार्ड लगा होता है। शीशे के माध्यम से इस कार्ड पर धूप जाती है। धूप पड़ने से यह कार्ड जितना जलता है, उसी हिसाब से सन शाइन की अवधि निकाली जाती है। अगर यह कार्ड नहीं जलता तो सन शाइन अवधि शून्य मानी जाती है।  -डॉ. एसएन सुनील पांडेय, प्रभारी मौसम विभाग, सीएसए
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