इन दोनों ही स्कूल करीब 800 वर्ग गज जमीन पर बने थे। आरोप है कि भूमाफियाओं और अधिकारियों ने मिलीभगत से करीब 800 वर्ग गज जमीन बेच डाली। जिसमें से 300 वर्ग गज की रजिस्ट्री अवैध तरीके से दावत-ए-इस्लामी संगठन के नाम कर दी गई। जिसके बाद दावत-ए-इस्लामी संगठन द्वारा उस पर पांच मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई। इसके बाद इमारत के बाहर अंग्रेजी और उर्दू में दावत-ए-इस्लामी इंडिया का बोर्ड लगा दिया गया।
कानपुर कोर्ट में दाखिल है वाद
नगर निगम के स्कूलों को लेकर कोर्ट में वाद भी दायर है। जिसके एक मुकदमा बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाम मोहम्मद आरिफ समेत चार लोगों के नाम से कोर्ट में विचाराधिन है। नगर निगम संपत्ति विभाग के प्रभारी अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि नगर निगम की जमीन पर दावत-ए-इस्लामी संगठन का सेंटर खुलने की बात सामने आई है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
दावत-ए-इस्लामी संगठन पाकिस्तान से होता है संचालित
दावत-ए-इस्लामी एक पाकिस्तानी संगठन है। इसका संस्थापक मौलाना इलियास अत्तारी पाकिस्तान में रहता है। वहीं से इसका संचालन होता है। पाकिस्तान से दावत-ए-इस्लामी के दल का कानपुर आना जाना लगा रहता है। ये दल कानपुर में एक दो दिन के लिए नहीं बल्कि हफ्तों तक रुकता रहा है। फरवरी 2014 में पाकिस्तान से दावत-ए-इस्लामी का एक दल कानपुर के मुस्लिम क्षेत्रों में आया था।
शिकायती पत्र के आधार पर केडीए, नगर निगम और बीएसए को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। इससे पता चल सके कि वह इमारत स्कूल के जमीन में बनी है या उसके आसपास। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -त्रिपुरारी पांडेय, एसीपी कर्नलगंज