उन्नाव से लाया गया हयात का करीबी
उपद्रव में हयात का एक करीबी आसिफ भी शामिल था। पुलिस जब तक उसके पास पहुंचती इससे पहले उन्नाव की गंगाघाट पुलिस ने उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को पुलिस उसे बी वारंट पर यहां लाई, जहां से उसे न्यायालय में पेश किया गया। उसे कानपुर जेल भेज दिया गया है, पुलिस अब उसे रिमांड पर लेगी।
डी-2 गैंग के अपराधी ने जुटाई थी भीड़
पुलिस ने चारों को कर्नलगंज, कोहना व ग्वालटोली थाने में ले जाकर भी अलग-अलग पूछताछ की। हयात और उसके साथियों ने कबूला कि घटना से पहले उन्होंने अपराधियों के साथ बैठक कर उपद्रव की पूरी प्लानिंग की थी। उनके बताए हुए नामों में डी 2 गैंग समेत अन्य आपराधिक गिरोह के दो दर्जन से अधिक लोग हैं, जिसका सत्यापन किया जा रहा है। इस दौरान एटीएस, एसआईटी और मिलेट्री इंटेलीजेंस के अफसर भी मौजूद रहे। दोपहर में नवाबगंज थाने और फिर देर रात कैंट थाने में पूछताछ की गई। अफसरों के अनुसार डी-2 गिरोह के अफजाल ने भीड़ जुटाने का काम किया था। एक अन्य शातिर बाबर ने हथियार का इंतजाम किया था।
केडीए ने बिल्डर हाजी वसी की बिल्डिंग्स करीं सील
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बिल्डर हाजी वसी आरोपी बनाया गया
आरोपियों ने बिल्डर हाजी वसी का नाम दोबारा लिया, जिसने इन्हें फंड उपलब्ध कराया था। उसे भी लिखापढ़ी में आरोपी बना लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी शनिवार तक हो सकती है। एसआईटी को तीन ऐसे और बिल्डरों की जानकारी मिली है, जो डी 2 के साथ मिलकर काम कर रहे थे। इसमें राशिद, मुन्ना और कय्यूम शामिल हैं। एसआईटी अब निजाम कुरैशी और आसिफ की कस्टडी रिमांड लेगी।
एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन
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हयात की वेबसाइट से जुड़े एक हजार अनजान लोग
नई सड़क पर हुए बवाल के मामले में जांच एजेंसी को हयात के संगठन एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन की वेबसाइट से संबंधित कुछ तथ्य भी मिले हैं। पता चला है कि वेबसाइट के जरिये संगठन से करीब ढाई हजार वालंटियर जुड़े हैं। इनमें से करीब एक हजार लोगों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। ये कौन लोग हैं, कहां के हैं, आदि सवालों के जवाब अब जांच एजेंसियां खोज रही हैं। वेबसाइट से जुड़े अनजान वालंटियर अलग-अलग प्रदेश के हैं। इसमें से कुछ पीएफआई सदस्य भी हो सकते हैं। अनजान वालंटियर ने सात-आठ लाख की फंडिंग भी संगठन को की है। पुलिस और अन्य एजेंसियां इसकी गहनता से जांच कर सत्यापन कर रही हैं।