फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur Violence: सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट कर बिगाड़ा था माहौल, पुलिस ने 8 फेसबुक व ट्विटर हैंडलर चिह्नित कर दर्ज की रिपोर्ट

Mon, 06 Jun 2022 12:48 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में हुई हिंसा व बवाल के मामले में पुलिस मास्टरमाइंड हयात जफर हाशिमी की पत्नी से पूछताछ कर सकती है।
विज्ञापन
Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल में कुछ लोगों ने सोशल मीडिया के जरिये माहौल बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भड़काऊ पोस्ट कर लोगों को उकसाया गया। एसआईटी ने ऐसे आठ लोगों के एकाउंट चिह्नित किए हैं। इनके खिलाफ कोतवाली में आईटी एक्ट व धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


साइबर सेल प्रकरण की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक ये अराजकतत्व शहर के ही हैं। जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़की थी। पांच घंटे तक पथराव-बवाल चला था। लोगों को भड़काने का काम सोशल मीडिया से किया गया। तमाम भड़काऊ पोस्ट किए गए। बाद में वह व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी वायरल हुए।

रविवार को सोशल मीडिया की गतिविधियों की जांच करने के लिए एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने जांच की तो इस तरह के पोस्ट करने वाले आठ हैंडलर चिह्नित किए। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि इन हैंडल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन पर हुई एफआईआर
जाबिर हुसैन, अली मेहंदी रिजवी, गौशुल्लाह, शोहेल कादरी, अमित सिंह यादव महोबा, एमअजमी, मुल्ला बुरहम व शामस तबरेज कासमी को आरोपी बनाया गया है। साइबर सेल की टीम ने इन हैंडलर के यूआरएल सुरक्षित कर लिए हैं। इससे संबंधित जानकारी फेसबुक व ट्विटर के मुख्यालय से मांगी है। वहां से यूजर का आईपी एड्रेस मिलने के साथ ही इन्हें ट्रेस किया जा सकेगा। 

सोशल मीडिया पर शुरू किया बहिष्कार 
सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट किए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन कर उत्पात मचाने वालों के पक्ष में लोगों ने दूसरे समुदाय के लोगों का बहिष्कार शुरू किया है। पोस्ट में तमाम दुकानों का नाम लिखकर बहिष्कार करने की अपील की जा रही है। पुलिस के पास ऐसे दर्जन भर पोस्ट के स्क्रीन शॉर्ट उपलब्ध हैं। इस तरह की पोस्ट करने वालों पर भी शिकंजा कसना तय है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें