पुलिस जिस हमजा और उमर की तलाश कर रही है। उन्हें लेकर चर्चा है कि वह हाजी वसी का करीबी रिश्तेदार (दामाद) है। अगर वह वाकई हमजा है, तो इस पूरी हिंसा के तार अपने आप इन दोनों परिवारों से जुड़ते हुए दिख रहे है। क्योंकि जफर हयात के आरोपों की माने तो हाजी वसी और मुख्तार बाबा ने फांडिंग की थी। इसके लिए इन दोनों ने अपने खास लोगों का इस्तेमाल किया था।
बैठक में हमजा और उमर भी थे शामिल
सूत्रों के अनुसार अब एसआईटी का पूरा फोकस उन्नाव कन्नौज, फतेहपुर में इन दोनों के कनेक्शन खोज रही है। चर्चा है कि घटना से एक दिन पूर्व दो जून को जिस होटल में मौलानाओं की बैठक में बंदी का विरोध किया गया था। उसमें हमजा और उमर दोनों शामिल हुए थे] जिन्होंने बंदी का समर्थन किया था। इसके बाद जफर हयात समझ गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। इसके बावजूद उसने खुद को फौरी तौर पर अलग, तो कर लिया पर पूरे बवाल में अहम रोल निभाता रहा।