नई सड़क पर तीन जून को जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल हुआ था। पुलिस ने तीन केस दर्ज किए थे। जिसमें मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी समेत 54 आरोपी जेल में बंद हैं। बवाल के दौरान सोशल मीडिया पर तमाम भड़काऊ व विवादित पोस्ट किए गए थे।
कानपुर में नई सड़क हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर किए गए भड़काऊ पोस्ट के मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। ट्विटर ने इन पोस्ट को करने वाले 13 हैंडल्स की आईपी एड्रेस व अन्य जानकारी देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने इस जानकारी के लिए ट्विटर मुख्यालय को चार बार ई-मेल भेजा था।
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नई सड़क पर तीन जून को जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल हुआ था। पुलिस ने तीन केस दर्ज किए थे। जिसमें मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी समेत 54 आरोपी जेल में बंद हैं। दो किशोर बाल संप्रेक्षण गृह में हैं। बवाल के दौरान सोशल मीडिया पर तमाम भड़काऊ व विवादित पोस्ट किए गए थे।
सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए गठित एसआईटी में एसीपी कैंट मृगांग शेखर पाठक को अध्यक्ष बनाया गया था। एसआईटी ने 13 ऐसे ट्विटर एकाउंट चिह्नित किए थे जिनसे विवादित पोस्ट हुए थे। उन पर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। एसीपी ने बताया कि ट्विटर मुख्यालय को चार बार मेल कर इनके बारे में जानकारी मांगी गई थी। जो अब तक नहीं मिल सकी है। अगर जानकारी उपलब्ध हो जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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बंद हो सकते हैं केस
ट्विटर से जानकारी न मिलने की वजह से पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ सकी है। पोस्ट के अलावा पुलिस के पास अन्य कोई साक्ष्य नहीं है। अगर यह जानकारी नहीं मिली तो भविष्य में इन केसों में फाइनल रिपोर्ट लग सकती है।