अरुण शर्मा ने भुगतान के लिए बिल नहीं बनाए। आरोप है कि एक बिल बनाने के लिए उनके ससुर से 16 हजार रुपये घूस ली। अन्य दोनों बिल अभी नहीं बने। शिकायत करने पर ससुर की फर्म को रावतपुर गांव में सड़क न बनाने का हवाला देते हुए ब्लैकलिस्ट कर दिया।
वीडियो में जेई किसी कार्य के लिए रुपये दे रहे हैं। पार्षद पति ने कार्रवाई होने पर वीडियो वायरल किया।
आरके सिंह, प्रभारी अभियंता, जोन-6, नगर निगम
घूस लेने के आरोप गलत हैं। महेंद्र विक्रम सिंह अपने ससुर के नाम से ठेकेदारी करते हैं। लापरवाही पर एक बार उनकी फर्म पर 65 हजार रुपये जुर्माना लगा, फिर फर्म ही ब्लैकलिस्ट हो गई। इसी खुन्नस में उन्होंने आउटसोर्सिंग पर रखे गए कंप्यूटर आपरेटर को भुगतान करते समय का वीडियो बना लिया। आपरेटर को तीनों जेई हर महीने पांच-पांच हजार रुपये पगार देते हैं।
अरुण शर्मा, अवर अभियंता, जोन-6, नगर निगम