अब फिर से हालात और कठिन हो गए
समुद्र और अलग-अलग देशों के बंदरगाहों पर फंसे 400 करोड़ के निर्यात ऑर्डर उनके खरीदारों के पास एक सप्ताह के भीतर पहुंच सकेंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से गैस की आपूर्ति में सुधार होगा। कच्चा माल का संकट कम होगा। इससे उत्पादन बढ़ने और आगे नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी, लेकिन अब फिर से हालात और कठिन हो गए हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध फिर से बढ़ने की संभावना से निर्यातकों में अनिश्चतता का माहौल बन गया है। नए निर्यात ऑर्डर पूरा करने में ही कम से कम दो महीने लगते हैं। निर्यातकों की बड़ी पूंजी फंसी हुई है। युद्ध विराम वार्ता विफल होने से शहर के उत्पादनकर्ताओं के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। -यादवेंद्र सचान, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
400 करोड़ के निर्यात ऑर्डर जो बीच समुद्र या अलग-अलग बंदरगाहों पर फंसे थे, वे अभी निकलना शुरू हुए ही थे कि दोनों देशों के बीच फिर से टकराव बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नई धमकी से निर्यातकों ने अपने-अपने कंसाइनमेंट फिर से जहां हैं, उसी जगह पर रोकने के लिए कहा है। -आलोक श्रीवास्तव, सहायक निदेशक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन