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Kanpur: उर्सला अस्पताल के सर्जन ने कर्मचारी से की मारपीट, रिपोर्ट दर्ज

Thu, 26 Jun 2025 11:59 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: उर्सला अस्पताल के सर्जन ने कर्मचारी के साथ मारपीट की। घटना निदेशक कार्यालय के नजदीक हुई। कर्मचारियों ने सर्जन पर नशे में धुत होने का आरोप लगाया।
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उर्सला अस्पताल में मारपीट का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उर्सला अस्पताल के सर्जन डॉ. बीकेएस कटियार ने बुधवार देर रात आउटसोर्सिंग के सफाई कर्मचारी से मारपीट कर उन्हें गालियां दी। उन्होंने फर्श गीला होने पर सर्जन को अंदर आने से रोका था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कोतवाली में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मारपीट करने, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज हुई है। अस्पताल के निदेशक ने मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी।
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परमट निवासी रविंद्र उर्सला अस्पताल में आउट सोर्सिंग में हाउस कीपिंग का कार्य करते हैं। उनके मुताबिक बुधवार की रात करीब 10.30 बजे निदेशक कार्यालय के पास साफ सफाई करा रहे थे। उनके साथ सफाईकर्मी अमित और राहुल भी थे। इसी बीच सर्जन डॉ. बीकेएस कटियार वहां पर आए। अमित और राहुल ने उन्हें रोक दिया। कहा कि आप रुक जाइए फर्श गीला है, फिसल सकते हैं। रविंद्र का आरोप है कि इतना सुनते ही सर्जन नाराज हो गए और उन्होंने गालियां देते हुए अमित को पीटना शुरू कर दिया। अमित उनके पैरों में गिर पड़ा फिर भी वह नहीं माने। अस्पताल में मरीज व तीमारदारों के आने से उन लोगों को बचाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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उर्सला अस्पताल में मारपीट का मामला - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को घटना का पता चलने पर निदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने सर्जन को फटकार लगाई। उन्होंने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी, जिसमें डॉ. शैलेंद्र तिवारी, डॉ. धीर सिंह और डॉ. जीएन द्विवेदी हैं। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच चल रही है।

अब तक लिखित शिकायत नहीं आई है, लेकिन वीडियो का संज्ञान लेकर जांच समिति गठित कर दी है। मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एचडी अग्रवाल, निदेशक उर्सला


बुधवार रात को रोगी के तीमारदार का फोन आया कि उसकी तबियत खराब है तो मैं रात 10:30 बजे अस्पताल पहुंचा। मुख्य द्वार पर ही एक अनाधिकृत व्यक्ति ने रोक दिया। परिचय देने के बावजूद उसने अभद्रता की और अंदर जाने से रोका। मरीज परेशान था और आवेश में आकर ऐसा कर दिया। हालांकि मैंने बाद में इस बात की माफी मांगी। सुबह मेरे खिलाफ बहुत सी भ्रामक बातें फैलाई गईं, जैसे मैंने शराब पी रखी थी, जबकि मैं कभी शराब नहीं पीता हूं। कर्मचारी यूनीफार्म में नहीं था इसलिए कर्मचारी को पहचान नहीं सका। - डॉ. बीकेएस कटियार
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