छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध करीब 200 से अधिक महाविद्यालयों के परिणाम अभी भी अटके हुए हैं। हालांकि विवाद बढ़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ अंकतालिका न भेजने वाले कॉलेज भी हरकत में आ गए और तेजी से काम शुरू कर दिया।
करीब एक सप्ताह में विश्वविद्यालय प्रशासन ने 600 से अधिक कॉलेजों का परिणाम जारी किया है। अभी तक बीए तृतीय वर्ष, बीएससी तृतीय वर्ष के करीब 50 फीसदी कॉलेजों का रिजल्ट प्रैक्टिकल अंकतालिका की हार्डकॉपी न मिलने से रुका हुआ था।
इसको लेकर सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के पदाधिकारियों ने आंदोलन शुरू किया था तो छात्र भी विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ एकजुट होने लगे। इस पर रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि कॉलेजों की तरफ से ही अभी तक प्रैक्टिकल की अंकतालिकाएं नहीं भेजी गई हैं जबकि कॉलेजों ने विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग पर लापरवाही का आरोप मढ़ दिया।
कॉलेजों का कहना था कि उन्होंने काफी पहले ही अंकतालिकाएं भिजवा दी हैं। हालांकि इस विवाद के बीच रिजल्ट जारी होने का सिलसिला तेज हो गया। एक तरफ जिन कॉलेजों ने अंकतालिकाएं नहीं भिजवाई थीं उन्होंने भिजवा दीं, वहीं विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग ने भी बड़ी संख्या में अपने यहां फाइलों के बीच दबी पड़ी अंकतालिकाओं की हार्ड कॉपी निकलवाईं।
इससे धीरे-धीरे रिजल्ट घोषित होने लगे। हालांकि अभी बीए और बीएससी तृतीय वर्ष के 200 से अधिक कॉलेजों का रिजल्ट घोषित नहीं किया गया है।