राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार शाम करीब सात बजे नई दिल्ली केसफरदजंग रेलवे स्टेशन से प्रेसिडेंट ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस से सेंट्रल स्टेशन पर उतरेंगे। इससे पहले वह झींझक और रूरा रेलवे स्टेशनों पर रुकेंगे और परिजनों-संबंधियों से मुलाकात करेंगे। झींझक में एनसीआर के जीएम वीके त्रिपाठी और प्रयागराज के डीआरएम मोहित चंद्रा समेत अन्य अधिकारी उनकी अगवानी करेंगे।
प्रेसिडेंट ट्रेन के आगे-पीछे दो छोटी ट्रेनें एस्कॉर्ट कर रही हैं। आगे चार कोच की ट्रेन में रेलवे के एक्सपर्ट हैं, जो संरक्षा की निगरानी करेंगे और पीछे वाली ट्रेन में सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारी व सुरक्षा बल हैं। महाराजा एक्सप्रेस तीन दिन सेंट्रल के प्लेटफार्म नंबर-10 पर खड़ी रहेगी। जबकि, पायलट ट्रेन चंदारी रेलवे स्टेशन पर खड़ी रहेंगी।
राष्ट्रपति संग होंगे रेलवे बोर्ड चेयरमैन
प्रेसिडेंट ट्रेन में राष्ट्रपति के साथ रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) सुनीत शर्मा और उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल आएंगे। सेंट्रल स्टेशन पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल उनकी अगवानी करेंगी और रेलवे की तरफ से जीएम, डीआरएम, प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त समेत कानपुर सेंट्रल के निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय उन्हें रिसीव करेंगे। राष्ट्रपति के ट्रेन के कोच से उतरकर कैंट साइड में स्टेशन के बाहर पोर्टिको तक पहुंचने के दौरान फूलों की खुशबू भी बिखरेगी। हरियाली के लिए पौधे और फूलों से रास्ते को सजाया जाएगा।
तैयारियों के हर काम पर रही पैनी नजर
राष्ट्रपति के साथ रेलवे महकमे के सबसे बड़े अधिकारी सीआरबी रहेंगे। तैयारियों में कोई कसर न रहे, इसके लिए जीएम और डीआरएम ने शुक्रवार से ही कानपुर में डेरा जमा दिया है। आरपीएफ के आईजी रवींद्र वर्मा भी सुरक्षा बलों के साथ जायजा लेने पहुंचे। हर प्लेटफार्म पर सर्कुलेटिंग एरिया में निरीक्षण किया। स्पेशल ट्रेन से कानपुर से रूरा-झींझक तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। दिनभर स्टेशन पर साफ-सफाई, रंगरोगन का काम होता रहा।
स्वर्ण शताब्दी का प्रेसिंडेट ट्रेन की तरह रिहर्सल
नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस का रिहर्सल बतौर महाराजा एक्सप्रेस किया गया। इस नॉनस्टॉप ट्रेन को झींझक और रूरा रेलवे स्टेशन पर भी दो-दो मिनट के लिए रोका गया। ट्रेन के रुकते ही सुरक्षा बल अलर्ट हो गया। कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर नौ पर जैसे ही सुबह 11:26 बजे पहुंची, उसके पहले ही सेंट्रल निदेशक हिमांशु शेखर, आरपीएफ-जीआरपी के जवान प्लेटफार्म पर अगवानी के लिए पहुंचे।