इसी तरह नवाबगंज के लिवर रोगी मनोज अग्रहरि (61) की मौत उल्टी-दस्त के बाद हुई है। परिजनों ने बताया कि उल्टी-दस्त के बाद बेहोशी आ गई और गिर गए। एंबुलेंस से ले जाने से पहले ही जान चली गई। डॉ. गुप्ता ने बताया कि डायरिया के बाद लिवर रोगियों की तबीयत बिगड़ जाती है। इसके अलावा किडनी पर भी असर आता है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि सीएचसी, पीएचसी से हीट स्ट्रोक का अपडेट प्रतिदिन लिया जा रहा है। लेकिन हीट स्ट्रोक से कोई मौत रिपोर्ट नहीं हुई है।
ऐसे करें बचाव
- गुर्दा, लिवर और दूसरे रोगों के पुराने रोगी गर्मी से बचाव करें।
- गुर्दा रोगी डॉक्टर की सलाह पर निर्धारित मात्रा में पानी पीयें।
- लिवर रोगी सादा और सुपाच्य भोजन करें।
- दिन में अधिक उमस वाले समय संभव हो तो घर के बाहर न जाएं।
- खाली पेट न रहें, पानी पीकर घर से बाहर निकलें।
- बासी खाना, खुले बिक रहे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- रात को हल्का खाना सोने के दो घंटे के पहले लें।