कानपुर में बिहार और नेपाल बार्डर से देसी घी की बोतल में छिपाकर शहर में चरस की तस्करी करने वाले दो शातिर तस्करों को डेढ़ किलो चरस के साथ क्राइम ब्रांच और फीलखाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसकी अनुमानित कीमत पांच लाख बताई गई। चरस को 10-10 ग्राम की छोटी पुड़िया बनाकर फीलखाना, मूलगंज, कोतवाली, बादशाहीनाका, कलक्टरगंज, अनवरगंज क्षेत्र में 500 से लेकर 1500 रुपये में बेचा जा रहा था। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि फीलखाना, कोतवाली, कलक्टरगंज में छोटी-छोटी पुड़ियाें में चरस बिकने की सूचना मिल रही थी। पुलिस और क्राइम ब्रांच ने फीलखाना के इटावा बाजार निवासी आशु निगम को गिरफ्तार किया। उसके पास से कई पुड़ियां बरामद हुईं। पूछताछ में उसने गोरखपुर के नौशाद कुरैशी का नाम कबूला तो उसे भी क्षेत्र से दबोचा गया। उसके पास से 1.5 किलो चरस मिली। नौशाद कुरैशी प्लास्टिक कोटेड पानी की बोतल की पेंदी काटकर उसे अंदर से दो हिस्सों में बांट देता था। नीचे ज्यादा भाग में चरस के पैकेट छिपा दिए जाते और ऊपरी हिस्से में धोखा देने के लिए घी भर देते थे। फिर रात को रोडवेज बस में बैठकर सुबह झकरकटी बस अड्डे पर उतरकर आशु के घर पहुंचाता था। वहां चरस को छोटे-छोटे पैकेटों में बनाकर बेचा जाता था। नौशाद और आशु निगम पूर्व में भी नशीले पदार्थों की तस्करी में जेल जा चुके हैं।
कई इलाकों में हैं सप्लायर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शहर के कई हिस्सों में सप्लायर मौजूद हैं। उनकी जानकारी मिली है। पुलिस जल्द ही कार्रवाई कर सकती है। नौशाद से कई लोगों का कनेक्शन मिला है। इसमें महिलाएं और युवक शामिल हैं। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें कनेक्शन खंगालने में जुट गई हैं।