कमिश्नरी पुलिस के साइबर थाने की सब इंस्पेक्टर रिया तिवारी के नाम से उपलब्धि जुड़ने जा रही है। उन्हें महिला संबंधी साइबर अपराध के बड़े मामलों के खुलासे और जागरूकता फैलाने के लिए गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की ओर से सम्मानित किया जाएगा। उनका नाम सेंटर फॉर पुलिस टेक्नोलॉजी की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नामित हुआ है।
सम्मान के लिए देश भर से कुल 33 महिला पुलिसकर्मी चुनी गई हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की चार महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। रिया तिवारी मूलरूप से ललितपुर की रहने वाली हैं। पिता सेना में थे, जिनको देखकर उन्हें भी सेना या पुलिस में जाने की इच्छा हुई। महिला एसआई 2023 बैच की हैं। कानपुर कमिश्नरी पुलिस में मौजूदा समय में साइबर क्राइम थाने में तैनात हैं।
उन्होंने एचबीटीयू, सीएसजेएमयू, सीएसए, मेडिकल कॉलेज समेत कई स्कूल व कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से जागरूक किया है। कई सेमिनार में भी शामिल हो चुकी हैं। रिया तिवारी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से मैथ्स से ऑनर्स किया है। उनकी इच्छा शुरू से एआई और साइबर क्राइम के क्षेत्र में कार्य करने की रही है। महिला एसआई के अलावा आगरा, लखनऊ और अन्य जिले की पुलिसकर्मी को पुरस्कार मिलेगा।
महिला संबंधी अपराध में किया गुडवर्क
महिला दरोगा ने साइबर अपराध के महिला संबंधी कई मामलों में गुडवर्क किया है। उन्होंने कल्याणपुर की छात्रा को ब्लैकमेल कर देह व्यापार में ढकेलने के मामले का खुलासा करने में सहयोग किया। बर्रा की युवती की आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बनाने वाले को जेल भिजवाया। ठगी और धाेखाधड़ी की घटनाओं में डेटा संकलित किया है।
साइबर क्राइम ब्रांच थाने की एसआई रिया तिवारी को इंडियन साइबर क्राइम काे आर्डिनेशन सेंटर की ओर से सम्मानित किया जाएगा। उनका नाम उत्तर प्रदेश पुलिस की चार महिला पुलिसकर्मियों में हुआ है। - सतीश यादव, थाना प्रभारी साइबर क्राइम ब्रांच