फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर तिहरा हत्याकांड: एक साथ तीन अर्थियां उठते ही मच गई चीत्कार, जलती चिताओं को देख हर आंख हुई नम

Sun, 03 Oct 2021 08:24 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

तिहरे हत्याकांड में दंपती व बेटे के शव का अंतिम संस्कार उन्नाव जिले में बक्सर घाट पर किया गया। अपने स्वभाव व बर्ताव से गांव में प्रिय प्रेमकिशोर, उनकी पत्नी व बेटे की हत्या से हर कोई हैरान है।
विज्ञापन
बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में तिहरे हत्याकांड में दंपती व बेटे का शव शुक्रवार देर रात पैतृक गांव बीघापुर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बक्सर घाट पर तीनों का एक साथ दाह संस्कार किया गया। अपने स्वभाव व बर्ताव से गांव में प्रिय प्रेमकिशोर, उनकी पत्नी व बेटे की हत्या से हर कोई हैरान है।
विज्ञापन


बीघापुर थानाक्षेत्र के बैजनाथखेड़ा निवासी प्रेमकिशोर कानपुर के फजलगंज में किराना व कास्मेटिक दुकान चलाते थे। शनिवार सुबह प्रेम किशोर उनकी पत्नी ललिता व बेटे नैतिक की घर में निर्मम हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव गांव पैतृक गांव पहुंचा।

घटना की सूचना पर प्रेमकिशोर के घर के बाहर सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई थी। दंपती व बेटे का शव देख आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मृतक प्रेमकिशोर की पहली पत्नी गीता के बेटे पुलकित व बेटी प्रीति व परिवार के अन्य सदस्य बेहाल हो गए। बीघापुर व बारासगवर थाना की पुलिस के अलावा कानपुर के कोहना थाना की पुलिस भी घर से घाट तक मौजूद रही।
विज्ञापन


सुबह 9:30 बजे लगभग घर से तीन अर्थियां एक साथ उठते ही चीत्कार मच गई। ग्रामीणों में किसी नजदीकी के घटना में शामिल होने की चर्चा है। मृतक प्रेम किशोर की पहली पत्नी गीता के पुत्र पुलकित और प्रीति शवों को देख बदहवास हो गए। गुमशुम बैठे बड़े भाई राजकुमार ने जल्द हत्या का खुलासा करने और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

शासन से आर्थिक मदद की मांग 
मृतक प्रेम किशोर की पहली पत्नी के दोनाें बच्चे कानपुर में रहने वाले अपने दूसरे नंबर के चाचा राजकिशोर के पास कानपुर में रह रहे थे। घटना के बाद इन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठने से चाचा बदहवास है। उनका कहना है कि वह तो बच्चों की परवरिश कर ही रहे हैं पर इस वीभत्स घटना के बाद शासन को बच्चों की मदद करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें