छठ पर्व पर घर जाने के लिए बिहार और पूर्वांचल जाने वाली ट्रेनों में मारामारी है। दिल्ली, मुंबई की ओर से आने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की लोगों को जगह नहीं मिल रही है। गुरुवार को सेंट्रल स्टेशन से होकर बिहार व पूर्वांचल की ओर जाने वाली ट्रेनें खचाखच भरी रहीं। लोग गेट पर लटक कर और शौचालय में खड़े होकर सफर करते दिखे।
दो दिन बाद छठ पर्व है। परिवार के साथ पर्व मनाने के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले लोगों में घर जाने की होड़ मची हुई है लेकिन ट्रेनों में उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। तीन माह पहले से ही पूर्वांचल, बिहार रूट पर जाने और दिल्ली, मुंबई की ओर से आने वाली ट्रेनों में नो-रूम दिखाने लगा था।
ट्रेन में यात्रियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को प्लेटफॉर्म नंबर छह, सात और चार, पांच पर पहुंचीं वैशाली एक्सप्रेस, विक्रमशिला, सीमांचल, पूर्वा, महानंदा एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, कालका और जोगबनी ट्रेनों के स्लीपर और जनरल कोच में खड़े होने तक की जगह नहीं थी। यही हाल गोरखपुर-पनवेल, बिहार संपर्क क्रांति, बरौनी-ग्वालियर समेत अन्य स्पेशल ट्रेनों का था। जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे कर्मी भीड़ को नियंत्रित करने में दिन भर जूझते रहे।
ट्रेन में यात्रियों की भीड़
दिल्ली से आने वाली बसों में भीड़
छठ पर्व पर घर जाने के लिए लोग बसों में सफर करने से कतरा रहे हैं। सिर्फ आसपास के जिलों को जाने वाली बसों में ही यात्रियों की भीड़ है। गोरखपुर, प्रयागराज, दिल्ली जाने वाली बसों में नियमित यात्री ही जा रहे हैं लेकिन दिल्ली से आने वाली बसों में भीड़ है।
यात्रियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
झकरकटी बस अड्डा के एआरएम पंकज कुमार ने बताया कि लखनऊ, झांसी, रायबरेली, हरदोई जैसे रूटों पर ही यात्री जा रहे हैं। अतिरिक्त बसें लगाने के साथ ही रिजर्व में भी खड़ी की गई हैं। मांग वाले रूटों पर रिजर्व बसों को भेजा जाएगा।