कानपुर। उत्तर मध्य रेलवे ने रेल सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब मिर्जापुर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक 64 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर रेल सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 स्थापित कर दी गई है। इसके साथ ही कानपुर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक फैले हाई डेंसिटी रेल कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली से लैस हो गया है।
प्रयागराज मंडल के सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने बताया कि कानपुर-प्रयागराज के 190 किलोमीटर सेक्शन में पहले ही कवच 4.0 लगाया जा चुका था। अब मिर्जापुर-डीडीयू खंड के जुड़ने से चिपयाना से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक लगभग 636 किलोमीटर रूट का सतत कवच संरक्षित नेटवर्क तैयार हो गया है। इससे दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर कानपुर होकर गुजरने वाली 250 से अधिक ट्रेनों की सुरक्षा और परिचालन क्षमता में सुधार होगा। कवच भारतीय रेलवे की स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है जो लाल सिग्नल पार करने, निर्धारित गति सीमा से अधिक चलने और संभावित टक्कर जैसी स्थितियों में सुरक्षा प्रदान करती है। परियोजना के तहत 1824 आरएफआईडी टैग, तीन संचार टावर और 24-कोर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई है। नौ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग स्टेशनों को भी कवच से जोड़ा गया है।