बहुमूल्य वृक्षों की लकड़ियां डंप में नहीं आईं
नगर निगम अधिकारियों ने गिरे पेड़ों में शीशम, आम और नीम जैसी कीमती लकड़ियों की पहचान की थी। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को नगर निगम उद्यान विभाग के डंप में पीपल और बरगद के करीब सौ पेड़ों की डालें ही रखी मिलीं। सूत्रों के अनुसार, आंधी में गिरे शीशम, नीम और आम के बहुमूल्य वृक्षों की लकड़ियां डंप में नहीं आईं। आशंका है कि इन पेड़ों के लट्ठे ट्री कटर मशीन से कटवाकर सीधे आरा मशीनों में भेजे गए।
नगर निगम उद्यान विभाग में पड़ी लकड़ियां
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मैंने आंधी में गिरे सभी पेड़ों की डालें उद्यान विभाग के डंप में रखने के निर्देश दिए थे। इसे देखूंगी। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-प्रमिला पांडेय, महापौर
आंधी में गिरे कीमती पेडों की लकड़ियां गायब करना या बेचना गंभीर मामला है। कमेटी गठित कर इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त
लकड़ी के दाम
लकडी का प्रकार दाम
सीसम (पक्का) 2000-2500 रुपये प्रति क्विंटल
सीसम (कच्चा) 1000 रुपये प्रति क्विंटल
आम 800 प्रति क्विंटल
नीम 800 प्रति क्विंटल
जलौनी 200-250 रुपये प्रति क्विंटल
नोट: यह जानकारी टिंबर उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष व भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष कुंदन शर्मा ने दी।