फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur Trade: गुजरात में टाइल्स फैक्ट्रियां बंद, 25 दिन से शहर नहीं आया माल, 15 करोड़ का डेली बिजनेस प्रभावित

Sat, 04 Apr 2026 09:25 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: गुजरात के मोरबी में गैस संकट के कारण टाइल्स फैक्ट्रियां बंद होने से कानपुर में सप्लाई ठप हो गई है। माल न आने से कीमतें बढ़ गई हैं और मार्बल-टाइल्स उद्योग से जुड़े हजारों मजदूरों के सामने जीविका का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
हिमांशु पाल, संजय जैन और जितेंद्र त्रिवेदी - फोटो : Amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गुजरात स्थित मोरबी की टाइल्स फैक्ट्रियां बंद होने से शहर का मारबल और टाइल उद्योग संकट का सामना कर रहा है। 25 दिन से मोरबी से टाइल्स की एक भी गाड़ी कानपुर नहीं आई है। इससे टाइल्स के दाम बढ़ गए हैं। भाव बढ़ने से ग्राहक भी बाजार में नहीं हैं। इसके चलते कारोबार से जुड़े दैनिक कर्मियों के सामने रोजी-रोटी का संकट हो गया है।

विज्ञापन

शहर के किदवईनगर में टाइल्स और मारबल का बड़ा कारोबार होता है।  यहां पर करीब 100 से ज्यादा दुकानें और शोरूम हैं। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी 150 से ज्यादा दुकानें हैं। 10-15 करोड़ का प्रतिदिन का कारोबार होता रहा है। शहर के अलावा आसपास के जिलों को भी टाइल्स आदि की आपूर्ति की जाती है। अब आपूर्ति प्रभावित होने से संकट खड़ा हो गया है।

नया माल शहर में आना बंद हो गया है
कारोबारियों के मुताबिक, गुजरात के मोरबी में टाइल्स का बड़ा कारोबार होता है।  वहां पर सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद हैं। ये फैक्ट्रियां गैस पर निर्भर हैं। गैस की अनुपलब्धता के चलते इन्हें बंद किया गया है। इससे नया माल शहर में आना बंद हो गया है। गर्मी के सीजन में सबसे ज्यादा कारोबार मिलता है। माल न होने से पुराना स्टाॅक ही दुकानों और शोरूम में है।

तेजी के चलते ग्राहक भी बाजार से गायब
इसके अलावा दाम भी बढ़ गए हैं, जो टाइल्स पहले 200 रुपये में आता था अब इसके दाम 250 से 275 रुपये हो गए हैं।  इतनी तेजी के चलते ग्राहक भी बाजार से गायब है। टाइल्स व्यापार से जुड़े ट्रांसपोर्ट का कार्य भी पूरी तरह ठप हो गया है। इससे लोडिंग और अनलोडिंग का काम करने वाले मजदूर और दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

मोरबी की फैक्ट्रियां बंद होने से कानपुर में टाइल्स की आपूर्ति पूरी तरह रुक गई है। इसके परिणामस्वरूप बाजार में टाइल्स के दाम बढ़ गए हैं जिससे आम ग्राहकों की पहुंच से बाहर हो गए हैं। मारबल और टाइल्स के व्यापार से जुड़े ट्रांसपोर्टरों का काम भी ठप पड़ गया है।  -हिमांशु पाल, महामंत्री, कानपुर मारबल एंड टाइल्स एसोसिएशन

कारोबार बुरी तरह से प्रभावित है। इस कारोबार में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार के करीब लोग जुड़े हुए हैं। काम न होने से लोडिंग-अनलोडिंग करने वाले श्रमिक और दुकानों में करने वाले कर्मचारी परेशान हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट है।  -संजय जैन, उपाध्यक्ष, कानपुर मारबल एंड टाइल्स एसोसिएशन
विज्ञापन

ईरान-अमेरिका युद्ध जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए। टाइल, ग्रेनाइट, मारबल और इटैलियन उत्पादों को मिलाकर कानपुर में 10 से 15 करोड़ रुपये का प्रतिदिन कारोबार होता है। टाइल्स उद्योग पर नया संकट आ गया है। इस सीजन में ही सबसे ज्यादा काम भी आता है।  -जितेंद्र त्रिवेदी, प्रवक्ता, कानपुर मारबल एंड टाइल्स एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें