इसी तरह हार्ट अटैक से चौबेपुर के विनय (55), नवाबगंज के आशुतोष नारायण (61) और गीतेश कु मार (54) की मौत हुई है। रोगियों का पहले से इलाज चल रहा था। आशुतोष के परिजनों ने बताया कि दो साल पहले रोगी को स्टेंट पड़ा था। ठंड बढ़ने के बाद कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में रोगियों की संख्या प्रतिदिन औसत 35 हो गई है। कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. विनय कृष्णा ने बताया कि ठंड में हार्ट अटैक के रोगी बढ़ जाते हैं। जो रोगी अस्पताल पहुंच जाते हैं, उन्हें बचा लिया जाता है।
ऐसे करें बचाव
- ब्लड प्रेशर की बराबर जांच करते रहें।
- ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखें।
- गर्म कमरे से अचानक ठंड में न आएं।
- रात को हल्का और पौष्टिक खाना लें।
- गरिष्ठ भोजन न लें, देर रात की पार्टियों से बचें।