कानपुर में प्रॉपर्टी का एक अनोखा मामला सामने आया है। मालिक को पता ही नहीं और प्रॉपर्टी डीलर ने साथियों के साथ मिलकर फर्जी आदमी खड़ा कर जमीनों के एग्रीमेंट व रजिस्ट्री कर डाली। खरीदार जब जमीन का कब्जा लेने पहुंचा तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। चार साल से पुलिस अफसरों और कचहरी के चक्कर काट रहे फर्जीवाड़े के शिकार वृद्ध दंपति अपने बेटे के साथ डीआईजी ऑफिस पहुंचे और व्यथा बताई।
डीआईजी ने जांच एसपी पश्चिम को सौंपी है। कल्याणपुर में ज्वैलरी की दुकान चलाने वाले छुन्नूलाल को क्षेत्र के ही प्रॉपर्टी डीलर ने वर्ष 2016 में नौबस्ता के सागरपुरी स्थित कानपुर मध्यवर्गीय सहकारी गृह निर्माण समिति लि. के सचिव से मिलकर एक प्लाट खरीदवाया। रजिस्ट्री भी हो गई।
एक साल में ही विकास ने पांच और जमीनों का सौदा कराया। कुछ महीने बाद छुन्नूलाल जब कब्जा लेने पहुंचे तो क्षेत्रीय लोगों ने रास्ते की जमीन होने का हवाला देकर कब्जा करने से रोक दिया। छुन्नूलाल ने अन्य जमीनों की जांच पड़ताल की तो पता चला कि जमीनों के असली मालिक ने तो कोई जमीन बेची ही नहीं।
प्रॉपर्टी डीलर ने असली मालिक की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ाकर फर्जी आईडी व फोटो के सहारे सौदे करवा दिए। छुन्नूलाल ने पैसे देने का झांसा देकर प्रॉपर्टी डीलर को घर बुलवाया और पुलिस को पकड़वा दिया। छुन्नूलाल का आरोप है कि पुलिस वालों ने उसे छोड़ दिया। उन्हें न तो पैसे मिले और न ही जमीन।