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Kanpur: 52 करोड़ रुपये की कर चोरी में इस्पात कंपनी के निदेशक भेजे गए जेल, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 26 Jun 2024 11:50 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: 52 करोड़ रुपये की कर चोरी में इस्पात कंपनी के निदेशक को जेल भेजा गया है। फतेहपुर के मलवां में फैक्टरी है। निदेशक के खिलाफ फर्म पर 344 करोड़ का माल बिना जीएसटी चुकाए बेचने का आरोप है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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52 करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले में फतेहपुर के मलवां स्थित राधे-राधे इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक नवीन जैन को स्पेशल सीजेएम कुमुदलता त्रिपाठी ने नौ जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन ने रिमांड पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में तर्क रखा कि डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस लखनऊ की टीम ने नवीन जैन को 52 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है।
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फर्म पर 344 करोड़ रुपये का माल बिना जीएसटी चुकाए बेचने का आरोप है। फतेहपुर में संचालित इस फर्म का कॉरपोरेट ऑफिस फजलगंज में है। मामले की विवेचना अभी जारी है। नवीन फर्म के निदेशक हैं, इसलिए इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाए। वहीं नवीन की ओर से अधिवक्ता ने रिमांड के विरोध में तर्क रखा कि अपराध में पांच साल से कम की सजा का प्रावधान है।

नवीन को फंसाने के लिए झूठे सबूत पेश किए गए हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नवीन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके बाद नवीन के अधिवक्ता की ओर से एक प्रार्थना पत्र कोर्ट में देकर कहा गया कि नवीन हार्निया की बीमारी से ग्रसित हैं, इसलिए उन्हें जेल के बजाय इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाए। इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा है।
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तीन दिन पहले डीजीजीआई लखनऊ और कानपुर की टीम ने मारा था छापा
डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस लखनऊ और कानपुर की संयुक्त टीमों ने तीन दिन पहले राधे-राधे इस्पात के निदेशक के किदवईनगर स्थित आवास, फजलगंज स्थित कार्यालय, फतेहपुर और बुंदेलखंड में स्थित प्लांट में छापे मारे थे। प्लांट में सरिया का उत्पादन होता है। इसके साथ ही लालबंगला स्थित डीलर प्रेम जायसवाल और कार्तिकेय जायसवाल के प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की गई थी। कार्तिकेय से पूछताछ भी की गई थी। सूत्रों ने बताया कि लखनऊ में एक कारोबारी के यहां पर कार्रवाई के दौरान मिले इनपुट के बाद यहां पर छापा मारा गया था। जांच-पड़ताल में करोड़ों की गड़बड़ी के साक्ष्य मिलने के बाद नवीन जैन को गिरफ्तार किया गया था।
 
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