बेटे ने विरोध किया, तो उसे भी गालियां दीं
प्रीती की गला दबाकर हत्या कर दी। ईशू ने घटना की सूचना अपने मामा ऋषि को दी। अभियोजन की ओर से मृतका के भाई ऋषि, बहन निशा, बेटे ईशू व चचेरे भाई आकाश समेत नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अर्जुन को दोषी मानकर सजा सुनाई।
जान निकलने तक दबाए रहा गला
बेटे ईशू ने बताया कि घटना की रात वह सो गया था। पिता शराब के नशे में घर आए और मां को मारने लगे। मां की चीख सुनकर उसकी नींद खुल गई तो वह मां को बचाने पहुंचा लेकिन पिता उसे भी गालियां देने लगे। छोटा होने के कारण वह मां को बचा नहीं सका और पिता ने तब तक मां का गला दबाए रखा जब तक उनकी जान नहीं निकल गई।