सभी पर एक ही मामले में कार्रवाई हुई
घटना आठ दिसंबर 2021 को हुई, लेकिन रिपोर्ट दो साल बाद कराई गई। युवती ने घटनास्थल उन्नाव का बताया था, लेकिन उन्नाव पुलिस से शिकायत न करके कानपुर पुलिस से शिकायत की गई। उसके 164 के बयान में घटना की तारीख अलग है। राधा का आरोप है कि पांचों आरोपी पहले एक दूसरे को नहीं जानते थे। जेल जाने के बाद उन्हें पता चला कि सभी पर एक ही मामले में कार्रवाई हुई है। एफआईआर कराने वाले युवती के पिता, बहन और बहनोई भी अखिलेश दुबे के साथी हैं। राधा का आरोप है कि नवरल थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच एसीपी कलक्टरगंज को ट्रांसफर कर दी गई।
कई अन्य लोगों पर रिपोर्ट करा चुकी है युवती
उन्होंने केडीए के खिलाफ कई खबर लिखी थी। उनको एक बिल्डर के इशारे पर फंसाया गया। रिपोर्ट में नरवल के मयंक कुमार भी आरोपी हैं। वह उस समय हरियाणा की एक कंपनी में कार्य कर रहे थे। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने महिला को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीपी ने बताया कि राधा का कहना है कि आरोप लगाने वाली युवती कई अन्य लोगों पर भी इस तरह से रिपोर्ट करा चुकी है। राधा के मुताबिक उनके पति और अन्य लोग घटना के समय शहर में नहीं थे, उनको फंसाया गया है। जांच एसआईटी को दे दी गई है।