कानपुर में बर्रा स्थित निजी अस्पताल आराध्या आई सेंटर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद छह रोगियों की आंख की रोशनी चली गई। ऑपरेशन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज गुप्ता ने किया था। पीड़ितों ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय सांसद अशोक रावत और बाद में सीएमओ डॉ. आलोक रंजन से की है। सीएमओ ने जांच कमेटी गठित कर दी। साथ ही डीएम के आदेश पर अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
बर्रा स्थित आराध्या आई सेंटर की टीम ने शिवराजपुर के वीरामऊ गांव में दो नवंबर को नेत्र रोग परीक्षण शिविर लगाया था। इसमें 18 रोगी मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चिह्नित किए गए। बाद में आराध्या नर्सिंगहोम में सभी का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। इनमें सुघरदेवा गांव की नन्ही देवी, शेर सिंह, रमा देवी, रमेश कश्यप, सुल्ताना, राजाराम कुरील की आंख की रोशनी चली गई। इनमें से तीन रोगियों की आंख की पुतली सफेद पड़ गई। सोमवार को सीएमओ से शिकायत के बाद उन्हें कांशीराम अस्पताल से दवा दिलाई गई।
कमेटी करेगी जांच, लापरवाही मिली तो दर्ज होगी एफआईआर
सीएमओ ने आई प्रोजेक्ट प्रभारी एसीएमओ डॉ. एसके सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित कर दी है। उन्होंने बताया कि इसमें मेडिकल कॉलेज के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ और एसीएमओ नर्सिंगहोम डॉ. सुबोध प्रकाश भी रहेंगे। शिवराजपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. अनुज दीक्षित को पीड़ितों के संबंध में पता करने के लिए भेजा गया है। वे रोगियों को बुधवार को मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में लाकर जांच कराएंगे। मेडिकल कॉलेज में रोगियों का इलाज भी कराया जाएगा। जांच कमेटी की रिपोर्ट में अगर नर्सिंगहोम की लापरवाही मिली तो नर्सिंगहोम संचालक और डॉ. के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।