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कानपुर: पान मसाले की पांच फर्मों पर एसजीएसटी का छापा, पकड़ी गई 3.85 करोड़ की कर चोरी; कई दस्तावेज जब्त

Fri, 30 Oct 2026 12:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

इन फर्मों पर बिना वास्तविक निर्यात के फर्जी वापसी का दावा करने और अवैध खरीद-बिक्री का प्रमाण मिलने के बाद कार्रवाई की गई। शुरुआती जांच में 3.85 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को पान मसाला, तंबाकू और जर्दा की पांच फर्मों के आठ प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापा मारा। इन फर्मों पर बिना वास्तविक निर्यात के फर्जी वापसी का दावा करने और अवैध खरीद-बिक्री का प्रमाण मिलने के बाद कार्रवाई की गई। शुरुआती जांच में 3.85 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है।

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एक फर्म संचालक ने मौके पर ही 35 लाख रुपये जमा करा दिए। दो फर्मों के ई-वे बिल में दिखाया गया वाहनों का मूवमेंट पोर्टल पर नहीं मिला। तमाम दस्तावेज भी अफसरों ने जब्त किए हैं। कानपुर जोन प्रथम और द्वितीय की विशेष अनुसंधान शाखा इकाई के 24 अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे।

राज्य कर आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ, अपर आयुक्त राज्य कर, जोन-प्रथम सान्या छाबड़ा और अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर, जोन-द्वितीय, कुमार आनंद के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अफसरों ने हैरिसगंज कैंट स्थित पान मसाला, तंबाकू फर्म एमएंडएन इंटरप्राइजेज पर छापा मारा। जांच में पता चला कि दिल्ली स्थित कुछ फर्मों को बिना माल की सप्लाई किए ही फर्जी बिक्री के बिल काटे गए हैं।
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इसके अतिरिक्त अपने रिटर्न में अनुचित तरीके से जीएसटी पंजीकृत फर्मों को बिक्री दिखाई गई जबकि जांच में पता चला कि वास्तविक रूप से उनकी बिक्री जीएसटी में अपंजीकृत व्यापारियों को की गई है। इनपुट टैक्स क्रेडिट बिना माल की सप्लाई किए पास ऑन किया जा रहा था। 4.90 करोड़ का टर्नओवर दिखाते हुए 1.34 करोड़ की आईटीसी पास ऑन की गई है। मौके पर अघोषित रूप से 70 लाख रुपये का तंबाकू, पान मसाला और सिगरेट सीज किया गया। शुरूआती जांच में 30 लाख रुपये की चोरी पकड़ी गई है।

इसी तरह, हर्षनगर स्थित फर्म में जीएसटी में पंजीकृत फर्म के रिटर्न की जांच में पाया गया कि फर्जी एक्सपोर्ट दिखाते हुए अनुचित रिफंड क्लेम किया जा रहा था। पोर्टल पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम पर लगभग चार करोड़ के ई-वे बिल में घोषित वाहनों का मूवमेंट का साक्ष्य नहीं पाया गया है।

यहां पर 1.60 करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई। हर्षनगर स्थित एक दूसरी फर्म में ही रिटर्न की जांच में पाया गया कि ये फर्म भी फर्जी निर्यात दिखा रही थी। पोर्टल पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम पर लगभग 3.70 करोड़ के ई-वे बिल में घोषित वाहनों के मूवमेंट का साक्ष्य नहीं पाया गया जिसपर 1.45 करोड़ की कर चोरी पता चली।

वहीं, नयागंज स्थित फर्म श्री बालाजी ट्रेडर्स के पोर्टल पर दाखिल विवरण के अनुसार, लगभग एक करोड़ से अधिक का स्टॉक व्यापार स्थल पर शेष होना चाहिए था। लेकिन व्यापार स्थल पर लगभग 24.35 लाख का ही स्टॉक पाया गया। फर्म की जांच पर 1.26 करोड़ के स्टॉक का अंतर मिला जिस पर व्यापारी की ओर से कर नहीं जमा किया गया था।

विभागीय अफसरों ने 50 लाख की कर चोरी पकड़ी। लाटूश रोड स्थित जर्दा और पान मसाला ट्रेडिंग फर्म गुप्ताजी इंटरप्राइजेज के प्रतिष्ठान पर मौके पर लगभग 80 लाख के स्टॉक का अंतर मिला। इस दौरान अफसरों ने तमाम दस्तावेज भी जब्त किए। मौके पर ही व्यापारी ने लगभग 35 लाख रुपये जमा कराए।

वहीं, अपर आयुक्त सान्या छाबड़ा ने बताया कि यह कार्रवाई उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर की गई। करोड़ों की कर चोरी पकड़ी गई है।

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