नेहा और आयुष को दोषी मानकर सजा सुनाई
पुलिस ने पड़ताल की तो नेहा द्वारा अपने प्रेमी व प्रतीक के दोस्त आवास विकास नौबस्ता निवासी आयुष शर्मा के साथ मिलकर लखनऊ के होटल में शराब में जहर मिलाकर प्रतीक की हत्या कर देने और फिर वहीं उसके शव का अंंतिम संस्कार कर देने का सच सामने आया। पुलिस ने नेहा और आयुष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि अभियोजन की ओर से मृतक के पिता, बेटी व होटल मैनेजर समेत सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने नेहा और आयुष को दोषी मानकर सजा सुनाई।
प्रेमी आयुष शर्मा को जेल ले जाती पुलिस
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मां ने धमकाया- पापा के बारे में पूछा तो काट डालेंगे
प्रतीक की हत्या के बाद नेहा ने बेटी को धमकाया था। कहा था कि सबसे कह देना कि रास्ते में गाड़ी खराब हो गई, पापा को आने में चार दिन लगेंगे। तुमने पापा के बारे में पूछा तो काट के बाहर डाल देंगे। मां के धमकाने की बात सात साल की मासूम बच्ची ने कोर्ट में दिए बयान में बताई थी। बेटी ने बताया था कि हम पापा-मम्मी और पापा के दोस्त आयुष अंकल लखनऊ में एक होटल में रुके थे।
मासूम बोली- कंबल के नीचे से छिपकर देखा था
आयुष भी कानपुर से ही हम लोगों के साथ लखनऊ गए थे। पांच दिन होटल में रुके, कहीं घूमने नहीं गए। आयुष और मेरी मम्मी नेहा ने पापा को कुछ सफेद-सफेद गिलास में घोलकर पिला दिया, उसके बाद पापा के खर्राटे बंद हो गए थे। पापा को हॉस्पिटल भेज दिया और आयुष अंकल और मम्मी नेहा मेरे साथ एक दिन होटल में रुके। अगले दिन मैं, मेरा भाई और मम्मी घर लौट आए। बेटी ने यह भी बताया था कि उसने मां को जहर पिलाते हुए कंबल के नीचे से छिपकर देखा था।
होटल मैनेजर ने की नेहा-आयुष के साथ रुकने की तस्दीक
प्रतीक, नेहा और आयुष लखनऊ के जिस होटल में रुके थे, वहां के मैनेजर ने कोर्ट में दिए बयान में बताया था कि तीनों लोग एक साथ होटल के कमरा नंबर 205 में रुके थे। प्रतीक ने खुद रजिस्टर में इंट्री भी की थी। बच्ची की रोने की आवाज सुनकर होटल स्टाफ कमरे पर गया तो पता चला कि प्रतीक की तबीयत खराब है। तब तक एंबुलेंस आ गई थी। नेहा व प्रतीक एंबुलेंस से गए थे, जबकि आयुष कार से एंबुलेंस के पीछे गया था।