म्यांमार नहीं जाएंगे, वहां मार डाले जाएंगे
म्यांमार से आकर शुक्लागंज में बीते आठ साल से रह रहे रोहिंग्या के परिवार वालों का कहना है कि वह लोग पूरे परिवार के साथ बांग्लादेश चले जाएंगे। वहां पर उन लोगों के कई रिश्तेदार हैं, लेकिन म्यांमार नहीं जाएंगे। यह कहना मो. साहिल की पत्नी अजीदा, उसकी मां रोहिमा, बहन सहनवारा और देवरानी नूरखाइदा का है। उन्होंने कहा कि म्यांमार में मुसलमान नहीं रहते वहां उनकी जान को खतरा है। वहां वाले उनको मार डाला जाएगा।
Rohingya Arrested In Kanpur
- फोटो : amar ujala
आधार कार्ड कैसे बना, जांच के बाद होगी कार्रवाई
डीसीपी पूर्वी के मुताबिक मो. साहिल ने बताया कि सभासद के सत्यापन के बाद उसका आधार कार्ड बना था। पुलिस ने जब सभासद से इस संबंध में पूछताछ की तो उसने किसी प्रकार का प्रमाणपत्र देने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद विवेचक ने आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी से जानकारी मांगी है कि आधार बनाने के लिए जिस कागज का इस्तेमाल किया गया वह किसके द्वारा प्रमाणित किया गया था। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाई के साथ शहर आया, शादी कर बसाया घर
मो. साहिल ने पूछताछ में बताया कि वह पिता मो. याहिया, मां रोहिमा बेगम व भाई अनवर, हबीउल्लाह और असमत के साथ शहर आया था। यहां उसने अजीदा बेगम से निकाह किया था। तीन वर्ष की बेटी हबीबा है। वहीं भाई अनवर ने नूर कैदा से शादी की। वह वर्तमान में गर्भवती है। वर्ष 2021-22 में उसकी बड़ी बहन शेनुआरा बेगम भी पति जुनैद व दो बच्चों के साथ शुक्लागंज आ गई। एक बेटा शुक्लागंज में पैदा हुआ, जबकि छह माह पहले छोटी बहन ताहिरा बेगम पति व बच्चों के साथ वापस बांग्लादेश चली गई।
Rohingya Arrested In Kanpur
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आधार कार्ड की जांच करेगी पुलिस
आधार कार्ड के साथ कौन कौन से दस्तावेज लगाए गए हैं। इसका पूरा रिकार्ड और डाटा लखनऊ और बंगलूरू में रखा जाता है। कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक लखनऊ सेंटर को पत्र भेज दिया गया है। अगर सभासद ने उसे सत्यापन पत्र दिया होगा तो वो भी आधार कार्ड के साथ लगा होगा। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि दस्तावेज सही पाए गए तो मदद करने वाले को भी केस में शामिल किया जाएगा।
असम में भी आधार कार्ड बनाने का हुआ था प्रयास
कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय के मुताबिक आरोपी जब बांग्लादेश से भारत घुसे थे तो उसके साथ मौजूद एजेंट ने बरपेटा असोम में भी आधार कार्ड बनवाने का प्रयास किया था, लेकिन किसी कारण से वहां पर आधार बन नहीं सका। फिर शुक्लागंज में आधार कार्ड को बनवाया।
बहन के पास मिले वैध कागजात
मो. साहिल की बहन ताहिरा बेगम पति अमीन के साथ वैध कागजात के साथ भारत में रह रही है। उसके पास से विदेशी पंजीकरण का फार्म सी मिला है। यह 2027 तक वैध है। उसके घर में दो और लोग थे। कार्रवाई के बाद से दोनों गायब है।