कानपुर के कल्याणपुर इलाके में शनिवार शाम बाइक सवार स्कूल कर्मी को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। कार सवार भागने के चक्कर में नीचे फंसे कर्मचारी को करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। कार डिवाइडर से टकराकर रुकी, लेकिन चालक फिर से कार को बैक करके भाग निकला। पुलिस ने घायल को हैलट अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से कार की तलाश में जुटी है।
मूलरूप से उन्नाव के मारूपुर जसरा निवासी सुधीर कुमार द्विवेदी (45) कल्याणपुर के निजी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनके ममेरे भाई उत्कर्ष ने बताया कि सुधीर अंबेडकर इंस्टीट्यूट निवासी अपने भाई पंकज द्विवेदी के साथ रहते थे। शनिवार रात करीब आठ बजे वह किसी काम से निकले थे। यूनिवर्सिटी मोड़ पर तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुधीर सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बीच कार चालक ने घबराकर कार की रफ्तार बढ़ा दी, जिससे सुधीर कार के नीचे फंस गए।
करीब 50 मीटर तक कार के साथ घिसटते चले गए। आगे जाकर कार एक डिवाइडर से टकरा गई। भीड़ कार को पकड़ने के लिए दौड़ी तो कार सवार ने कार को बैक किया और तेज रफ्तार में भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस पहले घायल को लखनपुर के एक निजी अस्पताल ले गई, जहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। थाना प्रभारी कुशल पाल सिंह ने बताया कि सीसीटीवी से कार के बारे में पता लगाया जा रहा है।
मातम में बदलीं त्योहार की खुशियां
सुधीर की मौत से पत्नी विधि, जुड़वा बेटी रीत, प्रीत का रोकर बुरा हाल रहा। रविवार को होली के त्योहार की भोर उन्हें सुधीर की मौत की खबर मिली तो पूरे परिवार में मातम छा गया। विधि रो-रोकर लोगों से पूछती रहीं कि आखिर उनके हंसते खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई। उनकी रोती हुईं बेटियों को देखकर आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
सड़क पार करते बुजुर्ग को वाहन ने कुचला, मौत
कल्याणपुर निवासी शिवशंकर (68) अंबेडकरपुरम दहलन के पास शनिवार रात डिवाइडर फांदकर सड़क पार कर रहे थे। तभी तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें कुचल दिया। राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हादसे की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने बताया कि शिव शंकर किसी काम से दलहन क्राॅसिंग तक गए थे। वहां से पैदल घर लौट रहे थे। हादसे के बाद से पत्नी माया व बेटा राज व बेटी मिनी का रो-रोकर बुरा हाल रहा।