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कानपुर का जामताड़ा: साइबर क्राइम का सीखा ककहरा, फिर डालते बैंक खातों में डाका, आवाज बदलने में माहिर हैं आरोपी

Sun, 12 Apr 2026 09:57 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: घाटमपुर में साइबर ठगों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जो खेतों में बैठकर ठगी की पाठशाला चलाते थे। पुलिस ने 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनकी अवैध संपत्तियों की जांच की जा रही है।
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रठिगांव में इसी जगह चलती थी साइबर क्राइम की पाठशाला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में घाटमपुर के रठिगांव में साइबर क्राइम की पाठशाला लगभग एक दशक से चल रही थी। साइबर ठगी के 20 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद रठिगांव और उसके इर्द-गिर्द के गांवों के ग्रामीणों की गतिविधियां फिलहाल पुलिस की निगरानी में हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि सभी अपने-अपने घर में कहकर निकलते थे कि भैंस चराने या किसानी के काम से जा रहे हैं।

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ग्रामीणों के अनुसार उन्हें नहीं पता था कि ये लोग उनके बीच में रहकर लोगों के खून-पसीने की कमाई धोखे से हड़पने का काम करते थे। रठिगांव और उसके आसपास के इलाके में पुलिस के छापे, गिरफ्तारी और सर्च ऑपरेशन से ज्यादातर ग्रामीण सहज नहीं हैं। गिरफ्तार 20 आरोपियों के संबंध में संवाद न्यूज एजेंसी के प्रतिनिधि ने शनिवार को ग्रामीणों से बातचीत की।

ग्रामीणों के बीच सामान्य होकर रहते थे
पहले तो कोई बात करने को ही तैयार नहीं हुआ। बाद में पहचान छिपाने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी योजनाबद्ध तरीके से साइबर ठगी कर रहे थे। वे सभी ग्रामीणों के बीच ही इतना सामान्य होकर रहते थे कि उन्हें लेकर कभी किसी को शंका न हो। सभी वर्षों से इकट्ठा भी ऐसी जगह पर होते थे कि लगता था कि समय काटने के लिए साथ बैठे हैं और मोबाइल फोन पर लूडो या फिर ताश वगैरह खेल रहे हैं।

पुलिस ने आरोपियों के घरों में डाली दबिश, गांव का किया रुट मार्च - फोटो : amar ujala

धीरे-धीरे आसपास के गांवों के लड़के भी जुड़ गए
पुलिस ने जब उन्हें गिरफ्तार किया तब पता लगा कि वह समय काटने के लिए नहीं मिलते थे बल्कि लोगों के बैंक खाते में डाका डालते थे। वहीं, रेउना थाना प्रभारी अनुज राजपूत ने कहा कि रठिगांव से शुरू हुए इस खेल से धीरे-धीरे आसपास के गांवों के लड़के भी जुड़ गए थे। सभी गांव में सामान्य ढंग से रहते थे और खेतों की ओर जाकर साइबर ठगी करते थे।

आरोपी आवाज बदलकर बात करने में हैं माहिर
आरोपियों में कई ऐसे भी हैं, जो आवाज बदल-बदल कर बात करने में माहिर हैं। कभी लड़की की आवाज में तो कभी खुद को बड़ा पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को फोन से गुमराह कर रुपये ऐंठने का काम करते थे। नए साथियों को भी वो अपने तौर-तरीकों से प्रशिक्षित करते थे। आरोपी अपने खाते में आए पैसे को गांव या घर में सीधे खर्च नहीं करते थे। उस पैसे को वह प्लॉट वगैरह खरीदने और दूसरे शहरों में जाकर अय्याशी करने में करते थे।

रठिगांव में चला सर्च ऑपरेशन - फोटो : amar ujala

साइबर ठगी के पांच आरोपियों की संपत्ति मिली आय से ज्यादा
साइबर अपराध होने की आशंका पर पुलिस सतर्क है। शनिवार शाम कई थानों की फोर्स ने लीलादास का पुरवा क्षेत्र में रूट मार्च कर संभावितों के घरों में दबिश डाली। जेल गए आरोपियों की संपत्तियों की जांच की जिसमें से कन्हईपुर बसौरा के सर्वेश, दीपक, दिलीप और लक्ष्मणपुर के विजय, मधुर की संपत्ति आय से अधिक मिली है। पुलिस ने जांच शुरू की है। एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि रेउना क्षेत्र के कई गांवों में साइबर अपराधी सक्रिय थे, जिसकी वजह से पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। शनिवार को लीलादास का पुरवा गांव में दबिश दी गई। पुलिस ने गांव में रूट मार्च किया। पुलिस की जांच में आठ आरोपियों में से पांच की संपत्ति अधिक मिली है।

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गिरोह का आकार बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण
साइबर अपराध में जेल गए आरोपी अपने गिरोह का आकार लगातार बढ़ा रहे थे। युवाओं और किशोरों को कॉल करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। यह जानकारी पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच को जांच में मिली है। इस संबंध में पुलिस गांव के लोगों से डिटेल जुटा रही है। पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और साइबर क्राइम ब्रांच ने बुधवार को रेउना के रठिगांव में दबिश देकर साइबर अपराध करने के आरोप में 20 को गिरफ्तार किया जबकि 14 फरार हो गए। उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच ने दूसरे दिन भी गांव पहुंचकर जांच की जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

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