जिम्मेदार मनमाना भुगतान कर रहे
लेकिन इन कामों में भुगतान सिर्फ दो लाख रुपये तक ही करने का नियम है। इसके बाद भी ब्लाॅक में बैठे जिम्मेदार मनमाना भुगतान कर रहे हैं। शासन स्तर से वर्ष 2024-25 में मनरेगा के तहत कराए गए व्यक्तिगत कार्यों में हुए भुगतान की जांच की तो पता चला कि बिल्हौर ब्लॉक की देबीपुर सरई ग्राम पंचायत में मुन्ना सिंह के खेत के चारों तरफ मेड़बंदी और जंगल की सफाई का काम दिखाकर 2.23 लाख का भुगतान किया गया।
ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायकों की भूमिका संदिग्ध
वहीं, ककवन ब्लाक की रहीमपुर विषधन ग्राम पंचायत में हरिपुरवा में रामौतार के घर से मंगू राठौर के खेत तक चकरोड का का काम दिखाकर 3.62 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों में व्यक्तिगत कार्यों को लेकर मॉनीटरिंग की गई, तो दो लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने में प्रदेश के 33 जिलों की 238 ग्राम पंचायतों में धांधली पकड़ी गई है। शासन स्तर से जारी रिपोर्ट में ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायकों की भूमिका संदिग्ध मिली है। शासन के निर्देश हैं कि नियम विरुद्ध तरीके से भुगतान करने वालों की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
ये जिले हैं शामिल
इन जिलों में खुला फर्जीवाड़ा अलीगढ़, अमेठी, बलिया, बस्ती, चंदौली, एटा, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फीरोजाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, जालौन, जौनपुर, कानपुर नगर, कासगंज, कौशांबी, खीरी, ललितपुर, महाराजगंज, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत रविदासनगर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सुल्तानपुर एवं उन्नाव में धांधली पकड़ी गई है। सभी जिलों में जांच कर शासन ने रिपोर्ट मांगी है।
अभी शासन से जांच कराने का आदेश आया है। अब टीम गठित कर दोनों ग्राम पंचायतों में जांच कराएंगे। अगर गलत तरीके से भुगतान किया गया है तो दोषियों पर कार्रवाई होगी। -दीक्षा जैन, सीडीओ