कानपुर शहर के विकास की रफ्तार एक बार फिर बजट की सुस्ती की भेंट चढ़ गई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कानपुर की आठ परियोजनाएं अधर में लटक गईं। आठ परियोजनाओं पर अब तक 36.14 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन काम पूरा कराने के लिए अभी 17.29 करोड़ रुपये और चाहिए। शासन को कई बार प्रस्ताव भेजे गए लेकिन अब तक बजट का पिटारा नहीं खुल सका। जिन परियोजनाओं को वर्ष 2025 में पूरा होना था, वे आज धनाभाव के कारण अटकी पड़ी हैं।
जिले में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की 15 से ज्यादा परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें से आठ परियोजनाएं ऐसी हैं जिनका निर्माण इसी साल पूरा होना तय था लेकिन बजट की कमी ने काम रोक दिया। धन की कमी के अलावा कुछ परियोजनाओं में कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही से काम अटका है। चार परियोजनाओं में शासन से पर्याप्त धनराशि जारी हो चुकी है। इसके बावजूद कार्यदायी संस्थाओं ने पूरी राशि खर्च ही नहीं की जिससे काम अधूरा पड़ा है। चार अन्य परियोजनाओं में अब तक आधी-अधूरी धनराशि ही जारी हो सकी है।