फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: बारिश में सड़कों ने खोला मुंह…अफसरों की आंखें बंद, लोग बोले- रोजाना राहगीर होते हैं चुटहिल, पढ़ें अपडेट

Fri, 04 Jul 2025 12:45 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: केडीए चौराहे से जेके-1 चौराहे तक की सड़क में 200 मीटर की दूरी पर कई बड़े-बड़े गड्ढे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पार्षद इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।
विज्ञापन
चंद्रयान सड़क पर गड्ढों के बीच से निकलते वाहन चालक - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में पीएसी मोड़ बाईपास से लेकर श्यामनगर छप्पन भोग चौराहे तक आने वाली सड़क कई साल से गड्ढों में तब्दील है। हाल ही में हुई बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है। हर 150 से 200 मीटर पर 10 फीट के गड्ढे हैं। पैदल निकलना दूभर है। आए दिन वाहन सवार चुटहिल हो रहे हैं पर अफसरों ने आंखें बंद कर रखी हैं।

विज्ञापन

इलाके के महेश, उत्कर्ष समेत अन्य लोगों का कहना है कि कोई नई बात नहीं है। हर बारिश में बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते हैं। इन गड्ढों में पानी भर जाने से सबसे अधिक खतरा रात में होता है। स्थानीय लोगों ने इस रोड को छोड़कर दूसरी सड़कों से जाना शुरू कर दिया है। करीब एक किमी तक की रोड पूरी गड्ढे में तब्दील हो गई है।

पार्षद इस ओर ध्यान नहीं देते
कमोवेश यही हाल केडीए चौराहे से जेके-1 चौराहे तक की सड़क का भी है। यहां 200 मीटर की दूरी पर कई बड़े-बड़े गड्ढे हैं। वार्ड-47 दहेली सुजा॓नपुर के पार्षद निर्देश सिंह चौहान के कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर ही सड़क में कई जगह गड्ढे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पार्षद इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।

निरंकारी भवन के पास नाला टूटने से भरता पानी
निरंकारी भवन के सामने नाला टूटने से पानी भर जाता है। पानी भरा रहने से लोगों ने अब घरों के बाहर खड़े रहना भी बंद कर दिया है। दूसरी ओर छप्पन भोग चौराहे से पीएसी मोड़ जाने वाली दूसरी लेन की सड़क में हनुमान मंदिर और अंधा मोड़ के पास काफी बड़े-बड़े गड्ढे हैं।

राहुल शुक्ला और आदित्य चितकारा - फोटो : amar ujala
  • रोजाना लोग होते चुटहिल यहां रोजाना ही ई-रिक्शा और बाइक सवार गड्ढों की चपेट में आकर चुटहिल होते हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी और पार्षद ध्यान नहीं देते है। -राहुल शुक्ला, दुकानदार
  • कई साल से बरसात और बिना बरसात के सड़क की स्थिति ऐसी ही रहती है। कई लोगों के हाथ पैर तक टूट चुके हैं। कई बार शिकायत की पर कुछ नहीं हुआ।  -आदित्य चितकारा
विज्ञापन

टूटी सड़क के बनवाने के लिए महापौर के पास प्रस्ताव भेज चुके हैं। वह अमरनाथ यात्रा पर गई हैं। वापस आने पर प्रस्ताव पास होगा, तभी कार्य शुरू किया जाएगा।  -निर्देश सिंह चौहान, पार्षद, वार्ड-47
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें