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सड़क की ऊपरी परत कई जगह से उखड़ी
बारिश के बीच रात में ढलाई हुई और सुबह पांच बजे तक सड़क तैयार कर दी गई। नालियां भी पाट दी गईं। इसके बाद शाम तक यातायात खोल दिया गया। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक सीमेंटेड सड़क बनने के बाद 72 घंटे तक मार्ग बंद रहना चाहिए था, लेकिन इसे उसी दिन खोल दिया गया। समय से पहले यातायात शुरू होने के बाद सड़क की ऊपरी परत कई जगह से उखड़ गई। गिट्टियां बाहर आने से वाहन सवारों को परेशानी हो रही है।
60 मीटर हिस्से में 30 से 40 छोटे-बड़े गड्ढे
सामने वाली पट्टी की हालत और खराब है। करीब 60 मीटर हिस्से में 30 से 40 छोटे-बड़े गड्ढे हैं। जल निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी इनमें भर जाता है। राज्यपाल के दौरे से पहले गड्ढों को कच्चे पैचवर्क से भर दिया गया था, लेकिन बारिश में डस्ट बह गई। इसके बाद सड़क पर गिट्टियां और गड्ढे फिर दिखाई देने लगे। जलभराव के कारण बाइक सवार और ई-रिक्शा चालक आए दिन गिर रहे हैं। पैदल राहगीरों को भी इस हिस्से से निकलने में परेशानी हो रही है।
आवश्यकता की वजह से आनन-फानन में रातों-रात सड़क बनवाई गई थी। सीमेंटेड सड़क बनने के बाद 72 घंटे तक मार्ग बंद रहना चाहिए, लेकिन इसे उसी दिन खोल दिया गया। कहीं-कहीं सीमेंट की ऊपरी परत हट गई है, जिसे दोबारा बनाया जाएगा। सामने वाली पट्टी अभी नहीं बनाई गई है। उसके लिए बजट स्वीकृति का इंतजार है। फिलहाल, कच्चा पैचवर्क कराया जाएगा। -अनूप मिश्रा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
इन मार्गों का भी हाल बेहाल
जुहारी देवी स्कूल के सामने की सड़क भी बदहाल है। यहां पाइपलाइन लीकेज के कारण लगातार जलभराव रहता है। इससे राहगीरों और वाहन सवारों को परेशानी होती है। मॉल रोड से झाड़ी बाबा पड़ाव, साहनी मार्केट होकर गोलाघाट कैंट की ओर उतरने वाले आरओबी पर भी जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। लगातार वाहनों की आवाजाही के बीच इनसे राह मुश्किल बनी हुई है। टाटमिल चौराहा के पास कृष्णा हॉस्पिटल के सामने वाली सड़क पर भी गड्ढे हैं। इसके बावजूद नगर निगम और पीडब्ल्यूडी अपने हिस्से के मार्गों की मरम्मत में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। इसका खामियाजा वाहन सवारों और पैदल राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।