कानपुर सड़क हादस में मारे गए थे 18 लोग
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कानपुर में सचेंडी जैसे हादसों को रोकने के लिए पुलिस कमिश्नर ने नए प्लान तैयार कराए हैं। कमिश्नरी और आउटर पुलिस मिलकर इन पर काम करेगी। शहर से गुजरने वाले हाईवे पर कैमरे लगाए जाएंगे। खासकर विपरीत दिशा में चलने वाले और ओवरलोड वाहनों पर कड़ी निगरानी होगी। ऐसे वाहनों का कैमरों की मदद से ई-चालान किया जाएगा।
कैमरे कौन लगवाएगा, इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। वहीं डीसीपी ट्रैफिक ने गुरुवार को एनएचएआई के अफसरों से मिलकर बातचीत भी की। एनएचएआई के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। आरटीओ विभाग की भी जिम्मेदारी तय की गई है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हाईवे पर सबसे अधिक शिकायतें ओवरलोडिंग और विपरीत दिशा में चल रहे वाहनों की हैं।
सचेंडी में मंगलवार रात जो टेंपो हादसे का शिकार हुआ है, वह भी विपरीत दिशा से आ रहा था। बस की टक्कर से टेेंपो सवार 18 लोगों की मौत हो गई थी। इसलिए कमिश्नर का सबसे अधिक ध्यान इन दोनों बिंदुओं पर रहा। उन्होंने कहा कि पुलिस कंट्रोल रूम और एनएचएआई के कंट्रोल रूम के बीच समन्वय बनाया जाएगा।
ताकि हादसे की सूचना चंद सेकेंड में पुलिस से एनएचएआई के पास पहुंचे। ऐसे में कम से कम समय में पुलिस के साथ एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम (एंबुलेंस, क्रेन, मेडिकल टीम) पहुंच जाएगी। कंट्रोल रूम से ही कैमरों की निगरानी और ई-चालान किए जा सकेंगे।
फोटो खींचकर भेजेंगे, हो जाएगा चालान
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि ई-चालान ही करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की फोटो क्लिक करें। कंट्रोल रूम को फोटो भेजें। कंट्रोल रूम में तैनात टीम एनआईसी की वेबसाइट के जरिये चालान करेगी। इसका मैसेज वाहन स्वामी को पहुंचेगा। यह व्यवस्था तत्काल शुरू कर दी गई है।
ओवरलोडिंग में 200 वाहनों का चालान, दो बसें में परमिट का खेल पकड़ा
ट्रैफिक पुलिस ने आरटीओ विभाग के साथ मिलकर गुरुवार को चेकिंग अभियान चलाया। टेंपो, ऑटो, बस, ई-रिक्शा, लोडर, मैजिक आदि गाड़ियां चेक की गईं। सबसे अधिक 200 चालान ओवरलोडिंग के किए गए। वहीं जांच टीम ने परमिट के खेल को भी पकड़ा। इसमें दो बसों का चालान किया गया। डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्थी ने बताया कि भौंती, नौबस्ता, जाजमऊ, कल्याणपुर और बर्रा में चेकिंग की गई।
19 वाहन सीज भी किए गए। डीसीपी ने बताया कि दो बसें ऐसी पकड़ी गईं, जिनके पास कॉन्टैक्ट कैरियर का परमिट था, लेकिन वे सवारियां ढो रही थीं। दरअसल यह परमिट बुकिंग आदि में इस्तेमाल किया जाता है। सवारियां ढोने वाली बसें स्टेट कैरियर परमिट पर चलती हैं। दोनों बसों का 192 एमबी एक्ट के तहत चालान किया गया।