ऑडिटरों को नए जोखिमों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक
निजी क्षेत्र के बैंकों में 14,100 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए। जो घटनाओं में लगभग दोगुनी वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जोखिम का मुख्य केंद्र अब क्रेडिट जोखिम से हटकर परिचालन, डिजिटल एवं अनुपालन जोखिमों की ओर स्थानांतरित हो चुका है। उन्होंने कहा कि बेहतर होते प्रोविजन कवरेज अनुपात और मजबूत रिटर्न ऑन एसेट्स बैंक बैलेंस शीट को सुदृढ़ बना रहे हैं, लेकिन ऑडिटरों को नए जोखिमों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। अधिक गहनता से ऑडिट करना होगा।
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जटिल होते जा रहे हैं जोखिम
अध्यक्ष सीए अखिलेश तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में बैंकिंग क्षेत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जहां नियम अधिक सख्त हो रहे हैं। जोखिम जटिल होते जा रहे हैं। मौजूदा समय में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका केवल ऑडिटर तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वह अब वो जोखिम मूल्यांकन कर्ता और सलाहकार के रूप में उभर रहे हैं। इस मौके पर सीए दिनेश चंद्र शुक्ला, नितिन ओमर, विनीत रूंगटा आदि थे।