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Kanpur: बैंकों में बढ़ रहे धोखाधड़ी के मामले; सीए बोले- संभलकर करें ऑडिट, डिजिटल रिस्क का बढ़ा खतरा

Sat, 28 Mar 2026 12:34 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर सीए सोसायटी की गोष्ठी में विशेषज्ञों ने बैंकों में बढ़ती धोखाधड़ी पर चिंता जताई। सार्वजनिक बैंकों में फ्रॉड की राशि 133% बढ़ी है, जिसके चलते ऑडिटरों को डिजिटल और परिचालन जोखिमों के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है।
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बैंक ब्रांच एवं समवर्ती ऑडिट का विश्लेषण विषय पर गोष्ठी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसायटी द्वारा बैंक ब्रांच एवं समवर्ती ऑडिट का विश्लेषण विषय पर शुक्रवार को आर्यनगर स्थित क्लब में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी की राशि में 133 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि निजी क्षेत्र के बैंकों में 14,100 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए। ऐसे में प्रोफेशनलों को संभल कर बैंक ऑडिट करना चाहिए।

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मुख्य वक्ता, सीए अनिल के सक्सेना ने बताया कि यद्यपि बैंकों के क्रेडिट जोखिम में कमी आई है। जून 2024 में 2.7 प्रतिशत का सकल एनपीए अनुपात घटकर जून 2025 तक कई वर्षों के न्यूनतम स्तर 2.3 प्रतिशत पर आ गया है। फिर भी बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी की राशि में 133 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जहां वर्ष 2024-25 में ही 9,700 मामलों में 24,500 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई थी।

ऑडिटरों को नए जोखिमों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक
निजी क्षेत्र के बैंकों में 14,100 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए। जो घटनाओं में लगभग दोगुनी वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जोखिम का मुख्य केंद्र अब क्रेडिट जोखिम से हटकर परिचालन, डिजिटल एवं अनुपालन जोखिमों की ओर स्थानांतरित हो चुका है। उन्होंने कहा कि बेहतर होते प्रोविजन कवरेज अनुपात और मजबूत रिटर्न ऑन एसेट्स बैंक बैलेंस शीट को सुदृढ़ बना रहे हैं, लेकिन ऑडिटरों को नए जोखिमों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। अधिक गहनता से ऑडिट करना होगा।
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जटिल होते जा रहे हैं जोखिम

अध्यक्ष सीए अखिलेश तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में बैंकिंग क्षेत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जहां नियम अधिक सख्त हो रहे हैं। जोखिम जटिल होते जा रहे हैं। मौजूदा समय में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका केवल ऑडिटर तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वह अब वो जोखिम मूल्यांकन कर्ता और सलाहकार के रूप में उभर रहे हैं। इस मौके पर सीए दिनेश चंद्र शुक्ला, नितिन ओमर, विनीत रूंगटा आदि थे।
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