बेटी ठीक नहीं हुई, तो क्या करेंगे
आरोप है अस्पताल प्रशासन उन पर दूसरे अस्पताल में जाने के लिए दबाव बना रहा है। डॉ. सुनील उत्तम ने खुद भी कहा है कि वह किशोरी को हैलट में भर्ती करा देंगे और खर्च की जिम्मेदारी ले लेंगे। नायमा का कहना है कि अगर कहीं और चले गए और वहां बेटी ठीक नहीं हुई, तो क्या करेंगे। इसका जिम्मेदार कौन होगा।
किशोरी के परिजनों के लिए बयान
जांच कमेटी ने भी सोमवार को डॉ. सुनील और परिजनों के बयान लिए हैं, जिसमें ये सामने आया है कि हड्डी तोड़ने के बाद डॉक्टर स्थिति संभालने के बजाय भाग निकले थे। कमेटी अभी कुछ और दस्तावेजों की जांच करेगी।